सोशल मीडिया पर प्लॉट-फ्लैट बिक्री का प्रचार रेरा के रडार परबिना पंजीयन प्रॉपर्टी बेचने वालों पर सख्ती, 3 साल तक की सजा का प्रावधान

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रायपुर । छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में पंजीयन कराए बिना फ्लैट, प्लॉट, मकान या बंगले की बिक्री पूरी तरह अवैध है। इसके बावजूद राज्य में कई रियल एस्टेट कारोबारी और एजेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रॉपर्टी बिक्री का खुलेआम प्रचार कर रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ रेरा ने ऐसे सभी प्रचार-प्रसार पर कड़ी जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है।

रेरा अधिकारियों के अनुसार बिना पंजीयन के की जा रही प्रॉपर्टी बिक्री न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम खरीदारों को बाद में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लुभावने विज्ञापनों के झांसे में आकर लोग प्रॉपर्टी खरीद लेते हैं और बाद में दस्तावेज, रजिस्ट्री, कब्जा और कानूनी विवादों में फंस जाते हैं।

बिना पंजीयन निर्माण भी गंभीर अपराध
छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना रेरा पंजीयन किसी भी साइट पर निर्माण कार्य शुरू करना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर संबंधित बिल्डर या प्रोजेक्ट संचालक को तीन साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
इतना ही नहीं, जिन प्रोजेक्ट्स को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से तो मंजूरी मिली है, लेकिन रेरा में पंजीकरण नहीं कराया गया है, उन पर भी कार्रवाई की जा रही है। रेरा ने ऐसे सभी प्रोजेक्ट संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

136 प्रोजेक्ट की स्वतः संज्ञान लेकर जांच
रेरा की रजिस्ट्रार आस्था राजपूत ने बताया कि बीते सात वर्षों में रेरा ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 136 प्रोजेक्ट्स की जांच की है। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर कई प्रोजेक्ट्स पर भारी जुर्माना लगाया गया है और उनकी संपत्तियों की खरीदी-बिक्री पर रोक भी लगाई गई है।
रेरा ने आम नागरिकों से अपील की है कि फ्लैट, प्लॉट, मकान या बंगला खरीदने से पहले रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर यह अवश्य जांच लें कि संबंधित प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत है या नहीं।

106 प्रोजेक्ट बिना पंजीयन के चिन्हित
अधिकारियों के अनुसार अब तक 106 ऐसे प्रोजेक्ट्स की पहचान की जा चुकी है, जिन्होंने रेरा में पंजीयन कराए बिना ही निर्माण या बिक्री शुरू कर दी थी। रेरा ऐसे बिल्डरों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ उनका पंजीयन भी रद्द करने की कार्रवाई कर रहा है।

हालिया कार्रवाई में लगा 5 लाख का जुर्माना
गौरतलब है कि इसी महीने रेरा ने दो जमीन मालिकों गोवर्धन और रामानुज पर कुल 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों पर आरोप है कि वे ‘ओम फार्म, लखोली रेलवे स्टेशन’ के नाम से बिना रेरा पंजीकरण के प्लॉटिंग, विज्ञापन और बिक्री कर रहे थे। रेरा की इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब सख्त शिकंजा कसा जाएगा।

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