छत्तीसगढ़ का ‘खजुराहो’ भोरमदेव में शुरू किया जाएगा जंगल सफारी वन विभाग ने पूरी की तैयारियाँ

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रिपोर्टर ✒️ कमलेश सिंह

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रायपुर/ कवर्धा । वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ का पर्यटन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र एक नई दिशा की ओर अग्रसर है। कबीरधाम जिले में स्थित ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भोरमदेव अभ्यारण्य में शीघ्र ही पर्यटकों के लिए जंगल सफारी प्रारंभ की जा रही है। इस पहल से राज्य में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता भी बढ़ेगी।

प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए स्मरणीय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डे के मार्गदर्शन में तैयार की गई इस योजना के अंतर्गत लगभग 34 किलोमीटर लंबा सफारी रूट विकसित किया गया है। सफारी के दौरान पर्यटक गौर, चीतल, सांभर, भालू और जंगली सुअर जैसे वन्यप्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकेंगे। इस जंगल सफारी की विशेष पहचान सकरी नदी मार्ग है, जहां सफारी के दौरान लगभग 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। यह मार्ग मैकल पर्वतमाला के सघन वनों से होकर गुजरता है, जो प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव प्रदान करेगा।

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स्थानीय ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार के अवसर वन विभाग द्वारा इस परियोजना में स्थानीय सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। सफारी वाहनों का संचालन वन प्रबंधन समिति थंवरझोल द्वारा किया जाएगा, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वन विभाग द्वारा सफारी के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। जंगल सफारी के प्रारंभ होने से अब भोरमदेव आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक ‘छत्तीसगढ़ का खजुराहो’ के ऐतिहासिक दर्शन के साथ-साथ वन्य जीवन के रोमांच का भी आनंद ले सकेंगे।

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