मिलूपारा अंधे कत्ल का खुलासा, साथी ही निकला हत्यारा
मुंह में मिले प्लास्टिक के टुकड़े से खुला राज, झूठी कहानी बनाकर पुलिस को करता रहा गुमराह
रायगढ़ । तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम मिलूपारा में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को रायगढ़ पुलिस ने सुलझाते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। चौकीदार की हत्या के मामले में उसका साथी ही हत्यारा निकला, जिसने वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ी थी।
पुलिस के अनुसार 10 मार्च की सुबह खेत की मेड़ पर लखन उर्फ धरभईया चौधरी (46) का शव मिला था। मृतक बिजली कंपनी के टावर में चौकीदारी करता था। शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिलने पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
प्रत्यक्षदर्शी बनकर करता रहा गुमराह
मृतक के साथी अजहर अली (63) ने शुरुआत में खुद को प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए दावा किया कि 4-5 अज्ञात लोगों ने हमला कर लखन की हत्या कर दी। उसने बताया कि आरोपियों ने उसे भी धमकाया और वह जान बचाकर भाग गया।
हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को आसपास किसी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी के प्रमाण नहीं मिले, जिससे उसकी कहानी पर संदेह गहराने लगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनी अहम कड़ी
जांच के दौरान पोस्टमार्टम में मृतक के मुंह में प्लास्टिक का टुकड़ा मिला, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। एफएसएल की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई।
लगातार पूछताछ में आरोपी बार-बार बयान बदलता रहा। सख्ती और वैज्ञानिक जांच के बाद वह टूट गया और हत्या करना स्वीकार कर लिया।
विवाद में की हत्या, सबूत मिटाने की कोशिश
आरोपी ने पुलिस को बताया कि खाना बनाने को लेकर हुए विवाद में उसने लखन पर टॉर्च से हमला किया और गला दबाकर हत्या कर दी।
इसके बाद—
- खून लगी टॉर्च को धो दिया
- कपड़ों को जलाकर नष्ट कर दिया
- टावर की रस्सी काटकर घटना को लूट का रूप देने की कोशिश की
मृतक के मुंह में मिला प्लास्टिक का टुकड़ा उसी टॉर्च का हिस्सा निकला, जिससे वारदात को अंजाम दिया गया था।
गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
पुलिस ने आरोपी अजहर अली को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में हत्या के साथ साक्ष्य छिपाने की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
टीम को मिलेगा पुरस्कार
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले के खुलासे पर पुलिस टीम की सराहना करते हुए पुरस्कार देने की घोषणा की है। पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तमनार पुलिस द्वारा की गई।
अंधे कत्ल जैसे मामलों में सूक्ष्म जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य ही सच्चाई तक पहुंचने का माध्यम बनते हैं। रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई पेशेवर विवेचना का उदाहरण मानी जा रही है।
अंधे कत्ल जैसे मामलों में सूक्ष्म जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य ही सच्चाई तक पहुंचने का माध्यम बनते हैं। रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई पेशेवर विवेचना का उदाहरण मानी जा रही है।

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