विशेष लेख

01 फ़रवरी पुण्यतिथि पर विशेष : रोशन लाल अग्रवाल : संघर्ष, सादगी और सामाजिक सरोकार का जीवित नाम

— गणेश कछवाहा — समय निरंतर गतिमान है। परिस्थितियाँ बदलती रहती हैं, पर कुछ मानक ऐसे होते हैं जो हर...

सिर्फ समझौता नहीं, हमारे भविष्य का रोडमैप है भारत-यूरोपीय संघ एफटीए : पीयूष गोयल

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक कूटनीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। इससे...

बिना रुकावट के शासन: बुनियादी ढांचे के लिए भारत की संस्थागत संरचना : अरिहन्‍त कुमार

आज़ादी के बाद से, बुनियादी ढांचे ने भारत की प्रगति की सोच को आकार दिया है। कल्‍पना साफ़ थी: रेलवे...

साहित्य उत्सव से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान

• आलेख - छगन लोन्हारे उप संचालक (जनसंपर्क विभाग) रायपुर । बसंत पंचमी 23 जनवरी से नवा रायपुर के पुरखौती...

रासायनिक उर्वरकों का बढ़ता जाल: क्या अब बड़े सुधारों का समय आ गया है?

पद्मश्री राम सरन वर्मा भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ की एक बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए सीधे...

साहित्य अकादमी की चुप्पी,अधिक शर्मनाक गंभीरऔर दुर्भाग्य जनक है- गणेश कछवाहा

कई दिनों से संत गुरु घासी दास विश्व विद्यालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ के कुलपति आदरणीय आलोक चक्रवाल के, दंभपूर्ण , पद...

तमाम वादों के बावज़ूद हम जेंडर समानता पर क्यों पिछड़ रहे हैं? शोभा शुक्ला – सीएनएस

दुनिया की सभी सरकारों ने 2030 तक जेंडर समानता का वादा किया था (5वाँ सतत विकास लक्ष्य)। 2030 के इन वादों को पूरा करने...

सशक्त मानसिकता से आत्मनिर्भरता की ओर- पोषण निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं सूरजपुर की महिलाएं

रायपुर । आर्थिक रूप से सशक्तिकरण की नींव सशक्त मानसिकता पर आधारित होती है। दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास...

सोमनाथ: अटूट आस्था के 1000 वर्ष (1026-2026) : नरेंद्र मोदी

सोमनाथ… ये शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है। भारत के...

हम इंसानियत के सबसे पुराने और सबसे बड़े अन्याय को खत्म करने में नाकाम क्यों हो रहे हैं? : शोभा शुक्ला – सीएनएस

"महिला हिंसा, इंसानियत के सबसे पुराने और सबसे बड़े अन्याय में शामिल हैं पर उस पर अंकुश लगाने के लिए...

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