कुतुल की श्रीमती सोनाय के लिए उम्मीद की नई किरण बना सुशासन तिहार मौके पर ही मिला राशन कार्ड

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रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की परिभाषा जमीनी स्तर पर बदलती नजर आ रही है। शासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु बन रहे सुशासन तिहार ने अब राज्य के सबसे दूरस्थ और अबूझमाड़ जैसे अंदरूनी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा लाया है। राशन कार्ड से वंचित श्रीमती सोनाय को शिविर में तत्काल राशन कार्ड बनाकर दिया राशन र्काउ हाथ में आते ही श्रीमती सोनाय की खुशी देखते ही बन रही थी।

दूरी मिटी, द्वार तक पहुँचा प्रशासन ​प्रशासन की संवेदनशीलता का ताज़ा उदाहरण नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के ग्राम पंचायत कुतुल में देखने को मिला। यहाँ आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन स्वयं चलकर ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचा। पहले जहाँ छोटी-छोटी सरकारी प्रक्रियाओं के लिए ग्रामीणों को मीलों का सफर तय कर कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे, वहीं अब सुशासन तिहार के माध्यम से गाँव में ही त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

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श्रीमती सोनाय की मुस्कान बनी सुशासन का प्रतीक ​कुतुल निवासी श्रीमती सोनाय के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। लंबे समय से राशन कार्ड न होने के कारण वे शासन की खाद्यान्न योजना के लाभ से वंचित थीं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार के लिए दो वक्त की रोटी और घरेलू जरूरतों को पूरा करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। ​श्रीमती सोनाय ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि दूरस्थ क्षेत्र और प्रक्रिया की सही जानकारी न होने के कारण मैंने कई बार प्रयास किया, पर कार्ड नहीं बन पाया। मुझे लगा था कि इस बार भी लंबा इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन यहाँ अधिकारियों ने मेरी समस्या को गंभीरता से सुना और मौके पर ही नया राशन कार्ड मेरे हाथों में सौंप दिया।

​भ्रष्टाचार और विलंब पर लगाम ​राशन कार्ड हाथ में आते ही श्रीमती सोनाय की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें मजदूरी छोड़कर कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे न केवल उनके समय और धन की बचत हुई है, बल्कि शासन के प्रति ग्रामीणों का भरोसा भी और अधिक मजबूत हुआ है।

जनकल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण ​कुतुल में आयोजित यह शिविर केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच का जीवंत प्रमाण बन गया है। शिविर में बड़ी संख्या में पहुँचे ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि साय सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास की धारा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में प्रशासन की सीधी पहुँच से मौके पर ही राशन कार्ड का वितरण हुआ। अब श्रीमती सोनाय का परिवार नियमित खाद्यान्न योजना से जुड़ेगा।

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