सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता, सादगी और दहेज प्रथा के खिलाफ सशक्त संदेश है : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत रायगढ़ जिले में 150 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद
प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता, 35 हजार सीधे खातों में डीबीटी से अंतरित
45 नववधुओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा

रायपुर । वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने शुक्रवार को रायगढ़ के पटेलपाली कृषि उपज मंडी में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कुल 150 नवदंपतियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। आयोजन में सामाजिक समरसता, सादगी, संस्कार और पारिवारिक सौहार्द का भाव देखने को मिला।
जिले में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के तहत रायगढ़ में 45, खरसिया विकासखंड में 15, बंजारी धाम खरसिया में 30, लैलूंगा विकासखंड में 30 तथा धरमजयगढ़ में 30 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। सभी आयोजन स्थलों पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आकर्षक एवं सुव्यवस्थित तैयारियां की गई थीं। विवाह मंडपों को पारंपरिक सजावट से सजाया गया था तथा वर-वधू एवं उनके परिजनों के लिए आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल विवाह संपन्न कराने की योजना नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रभावी संदेश देते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शासन की प्राथमिकता है कि किसी भी परिवार को आर्थिक अभाव के कारण बेटी के विवाह में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
श्री चौधरी ने शासन की पारदर्शी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से अंतरित किए जा रहे हैं, ताकि बिचौलियों की कोई भूमिका न रहे और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि शेष राशि वर-वधू के परिधान, आवश्यक सामग्री एवं विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय की जाती है। राज्य सरकार की यह पहल योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी “रानी दुर्गावती योजना” का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बेटियों के सुरक्षित एवं सशक्त भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके तहत बेटी के जन्म के बाद पंजीयन कराने पर 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर शासन की ओर से डेढ़ लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना बेटियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने 45 नववधुओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद यह राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी।
उन्होंने आयोजन में सहभागी गायत्री परिवार की सराहना करते हुए कहा कि गायत्री परिवार समाज में संस्कार, शिक्षा, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक सुधार के क्षेत्र में प्रेरणादायी कार्य कर रहा है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे।

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