महिंद्रा यूनिवर्सिटी और हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर; कानूनी शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा नया आयाम
महिंद्रा यूनिवर्सिटी और हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU) ने देश में कानूनी शिक्षा, अंतर-विषयक अनुसंधान (इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च) और शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी महिंद्रा यूनिवर्सिटी में 1 मई से 3 मई 2026 तक आयोजित “इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन कॉन्फ्लुएंस” के उद्घाटन समारोह के दौरान संपन्न हुई। इस विशेष कॉन्फ्लुएंस का आयोजन महिंद्रा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ और एच.एन.एल.यू. द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। इस ऐतिहासिक समझौते पर एच.एन.एल.यू. के कुलपति प्रो. वी. सी. विवेकानंदन और महिंद्रा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. याजुलु मेड्यूरी ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर एच.एन.एल.यू. के कुलपति प्रो. वी. सी. विवेकानंदन ने इस साझेदारी के दूरगामी परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सहयोग केवल स्कूल ऑफ लॉ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी, गवर्नेंस, पब्लिक पॉलिसी और अन्य उभरते क्षेत्रों के कानूनी आयामों पर भी दोनों संस्थान मिलकर काम करेंगे। उन्होंने अत्यंत कम समय में महिंद्रा यूनिवर्सिटी द्वारा हासिल की गई शैक्षणिक और प्रोफेशनल उपलब्धियों की सराहना भी की। वहीं, महिंद्रा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. याज मेड्यूरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के शीर्ष राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में शामिल एच.एन.एल.यू. के साथ यह जुड़ाव अनुसंधान, फैकल्टी एक्सचेंज, स्टूडेंट लर्निंग और संस्थागत नेटवर्किंग के नए द्वार खोलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों संस्थानों के बीच होने वाले संयुक्त सम्मेलन, रिसर्च प्रोजेक्ट्स और फैकल्टी विज़िट्स इस साझेदारी को एक ठोस आधार प्रदान करेंगे।
इस समझौता ज्ञापन के तहत दोनों शीर्ष संस्थान कानून, प्रौद्योगिकी, शासन और सार्वजनिक नीति के अंतर्संबंधों (इंटरसेक्शन) पर उच्च स्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देंगे। इसके अतिरिक्त, दोनों विश्वविद्यालय पीएच.डी. स्कॉलर्स और रिसर्चर्स के संयुक्त मार्गदर्शन (जॉइंट सुपरविजन) पर कार्य करेंगे, जिससे देश में शोध की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस एमओयू के मुख्य एजेंडे में नियमित रूप से फैकल्टी और स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम्स का संचालन करना तथा राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त रूप से कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स का आयोजन शामिल है। दोनों संस्थान वैश्विक चुनौतियों से निपटने और कानूनी शिक्षा में नवाचार लाने के लिए नए फंडिंग अवसरों और वैश्विक अनुसंधान सहयोग की तलाश के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। यह सहयोगात्मक प्रयास देश में कानूनी और अंतर-विषयक शिक्षा के बदलते परिदृश्य को एक नई और प्रगतिशील दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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