रिजेक्ट तेंदूपत्ता का वैकल्पिक विक्रय संग्राहकों का अधिकार

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रायपुर । छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित है, जो देश में सर्वाधिक है। वन विभाग एवं अधिकृत खरीदार केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पत्तों की खरीदी करते हैं। गुणवत्ता जांच के दौरान कटे-फटे, मोटी नस वाले अथवा निम्न गुणवत्ता के पत्तों को रिजेक्ट कर दिया जाता है।

रिजेक्ट पत्तों का विक्रय तस्करी नहीं रिजेक्ट किए गए तेंदूपत्तों पर संग्राहकों का स्वामित्व होता है। संग्राहक अपनी इस वनोपज को निजी स्तर पर अन्य व्यापारियों को बेचने के लिए स्वतंत्र हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह वैध है और संग्राहकों की आजीविका से जुड़ी है। इसे “तस्करी” कहना उचित नहीं है।

निगरानी व्यवस्था सतत जारी विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पड़ोसी राज्यों से तेंदूपत्तों की अवैध आवक फड़ों तक न हो। सभी संग्रहण केंद्रों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। वनांचल में तेंदूपत्ता संग्राहकों की आजीविका का साधन वनोपज है और इस सीजन में तेंदूपत्ता की तोड़ाई जारी है तथा उच्च क्वालिटी के तेंदूपत्ता की मांग ज्यादा रहती है l वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कटे फटे और गुणवत्ताहीन या निम्न गुणवत्ता वाले तेंदूपत्ता को रिजेक्ट कर दिया जाता है l गुणवत्ताहीन या निम्न गुणवत्ता वाले तेंदूपत्ता को रिजेक्ट जिन्हें रिजेक्ट किए गए हैं उन्हें संग्राहक अपने स्तर पर विक्रय करते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय होता है l तेंदूपत्ता संग्राहक अपनी उपज के मालिक हैं और उन्हें अपनी उपज बेचने का अधिकार है l

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