जनजातीय गरिमा उत्सव अंतिम छोर के गांवों तक पहुंचीं योजनाएं

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स्वास्थ्य शिविर और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में उमड़ा जनसैलाब


रायपुर । छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव और जनभागीदारी को एक नया विस्तार देते हुए ‘जनभागीदारी अभियान एवं जनजातीय गरिमा उत्सव 2026’ के तहत दूरस्थ अंचलों में विकास की बयार बहने लगी है। सूबे के जनजातीय बहुल और दुर्गम गांवों में आज व्यापक स्तर पर संतृप्ति शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण और वृक्षारोपण अभियानों का आयोजन किया गया। शासन की योजनाओं को हर ग्रामीण तक पहुंचाने के इस महाभियान में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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​गांवों में मुफ्त इलाज और आयुष्मान कार्ड की सौगात ​अंचल में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविरों में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। डॉक्टरों की टीमों ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर बीपी और शुगर जैसी जांचें कीं, साथ ही जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवाइयां बांटी गईं। शिविरों की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहाँ 'आयुष्मान भारत कार्ड' बनाने और उन्हें अपडेट करने की ऑन-स्पॉट सुविधा दी गई, जिससे गरीब परिवारों को सीधे स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच मिला। चिकित्सा दलों ने ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचने, स्वच्छता बनाए रखने और सही पोषण की जानकारी भी दी।

​”सबसे दूर, सबसे पहले” शासन की इसी सोच के साथ जिले के उन गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है जो भौगोलिक रूप से सबसे दूर हैं। प्रशासन का लक्ष्य 25 मई तक हर पात्र व्यक्ति को शत-प्रतिशत लाभान्वित करना है।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ का लिया संकल्प ​उत्सव के दौरान सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि प्रकृति को सहेजने का भी बड़ा संदेश दिया गया। प्रधानमंत्री के आह्वान पर "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत गांवों में सामूहिक रूप से पौधरोपण किया गया। इस भावुक और पर्यावरण-हितैषी मुहिम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरपंच-सचिवों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और विभिन्न विभागों के शासकीय कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पौधे लगाए। खास बात यह रही कि सिर्फ पौधे रोपे नहीं गए, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

​25 मई तक चलेगा महाभियान, प्रशासन की अपील ​जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की मन्शा के अनुरूप जिले के सभी ग्रामों में आगामी 25 मई तक लगातार संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। ​जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर न केवल अपने अधिकारों और योजनाओं का लाभ उठाएं, बल्कि इस जनभागीदारी अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप देकर सफल बनाएं।

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