सुशासन तिहार बना भरोसे का आधार जनसमस्या निवारण शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का जनसैलाब 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएँ, 1,487 आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया शुरू
बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़: जिला और प्रदेश को बाल विवाह से मुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों ने ली सामूहिक शपथ
हितग्राही मूलक लाभ: विधायक प्रणव कुमार मरपची के मुख्य आतिथ्य में लगभग 300 हितग्राहियों को सामग्री और सहायता राशि का वितरण
रायपुर ।’सुशासन तिहार’ अब आम जनता के लिए भरोसे, त्वरित समाधान और संवेदनशील प्रशासन का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। गाँव-गाँव तक पहुँच रही शासन की योजनाओं और समस्याओं के ऑन-स्पॉट निराकरण से ग्रामीणों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले के गौरेला जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवसा में एक विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
शिविर में लालपुर, गिरवर, दौजरा, हर्राटोला, साल्हेघोरी, डाहीबहरा, पंडरीपानी, अंधियारखोह, हर्री, गांगपुर, धनौली, गोरखपुर, झगराखांड, कोरजा, अंजनी, तेंदूमूड़ा, चुकतीपानी, नेवसा, सारबहरा एवं सेमरा पंचायतों के ग्रामीणों ने अपनी मांगों व शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए और विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और वृत्तचित्र का प्रदर्शनशिविर में विभिन्न मांगों एवं शिकायतों से संबंधित कुल 1,487 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके समयबद्ध निराकरण की प्रक्रिया संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दी गई है।

विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को मिला सीधा लाभ विधायक प्रणव कुमार मरपची के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस शिविर में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लगभग 300 हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित की गई। राजस्व विभाग: 66 हितग्राहियों को फौती नामांतरण, 42 को किसान किताब, 17 को बंटवारा (बी-वन खसरा) तथा 12 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र एवं किसान किताब प्रदान किए गए।अन्य विभाग: श्रम, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पंचायत, मत्स्य पालन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, परिवहन तथा शिक्षा विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड, सहायक उपकरण, आवास की चाबी, मछली पकड़ने के जाल व कैरेट, नियुक्ति पत्र, उन्नत बीज, शिक्षार्थी अनुज्ञा पत्र (लर्निंग लाइसेंस) तथा पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं।

सांस्कृतिक व सामाजिक सरोकार शिविर में 12 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा 11 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी हर्षोल्लास के साथ संपन्न कराया गया।अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: विधायकशिविर को संबोधित करते हुए विधायक मरपची ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अपनी घोषणाओं के अनुरूप लगातार कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास एवं जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना तथा मौके पर ही उनकी शिकायतों का समाधान करना है।

कलेक्टर ने दिए निष्पक्ष जाँच के निर्देश कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन के निर्देशानुसार सभी विभागों के अधिकारियों ने मंच के समक्ष उपस्थित होकर प्राप्त आवेदनों तथा उनके निराकरण की अद्यतन स्थिति से आवेदकों को सीधे अवगत कराया।शिविर के दौरान ग्राम पंचायत कोरजा में ग्रामीणों द्वारा बनाए जा रहे आवासों को 'अतिक्रमण' बताकर हटाए जाने संबंधी एक संवेदनशील शिकायत सामने आई। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने वन विभाग और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम गठित कर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वास्तविक तथ्यों के आधार पर न्यायपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर जिला और पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह से मुक्त बनाने के लिए एक विशेष शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपस्थित ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के युवक का विवाह न करने और समाज में बाल विवाह को पूरी तरह रोकने का सामूहिक संकल्प लिया। इसके साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 'महतारी वंदन योजना' से लाभान्वित महिलाओं के अनुभवों तथा 'आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र' की गतिविधियों पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र (Documentary) का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे ग्रामीणों ने काफी रुचि के साथ देखा। शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा तथा पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथियों ने शिविर स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागीय प्रदर्शनी केंद्रों का अवलोकन कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा की। इस कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


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