शराब पार्टी के विवाद में किशोर की हत्या, रायगढ़ पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी

0
IMG-20260528-WA0946

तीन आरोपी गिरफ्तार, शव को बरगद के पेड़ के नीचे छिपाकर दुर्घटना का रूप देने की थी कोशिश

रायगढ़। जिले के खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुरदा में मिले किशोर बालक के शव मामले का रायगढ़ पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए हत्या के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद में आरोपियों ने किशोर के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में आरोपियों ने शव को बरगद के पेड़ के नीचे छिपाकर मामले को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में खरसिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझाई। मामले में चन्द्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना, रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

बरगद के पेड़ के नीचे मिला था शव

जानकारी के अनुसार 25 मई 2026 को खरसिया पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित बरगद के पेड़ के नीचे एक किशोर बालक का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, थाना प्रभारी निरीक्षक सीताराम ध्रुव, एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

मृतक की पहचान ग्राम बरभौना थाना छाल निवासी 16 वर्षीय किशोर के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई ने पुलिस को बताया कि 24 मई की सुबह गांव का ऋषि डनसेना उसके भाई को अपनी पल्सर मोटरसाइकिल में बैठाकर काम कराने ले गया था। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, जिसके बाद अगले दिन सुबह शव बरामद हुआ।

मृतक के शरीर पर सीने, आंख और अन्य हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए। प्रारंभिक जांच में ही हत्या की आशंका जताई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक पाए जाने के बाद थाना खरसिया में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद

विवेचना के दौरान पुलिस ने ऋषि डनसेना से पूछताछ की। उसने बताया कि घटना वाले दिन वह मृतक को अपने साथियों चन्द्रशेखर, रघुनाथ और एक नाबालिग के पास छोड़कर काम पर चला गया था। बाद में जब उसने फोन किया तो फोन पर झगड़े और मारपीट की आवाज सुनाई दी थी।

पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि सभी लोग साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान चखना के लिए आम तोड़ने की बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने किशोर के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। मारपीट के दौरान किशोर खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर पड़ा, जिससे उसे गंभीर चोट लगी और उसकी मौत हो गई।

शव छिपाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश

घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को उठाकर बरगद के पेड़ के नीचे चित अवस्था में रख दिया, ताकि मामला दुर्घटना जैसा लगे। बाद में जब ऋषि डनसेना ने मृतक के बारे में पूछा तो आरोपियों ने झूठ बोलते हुए कहा कि वह खाना-पीना कर अपने घर चला गया है।

पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर घटना का रिकंस्ट्रक्शन कराया तथा उनके मेमोरेंडम के आधार पर घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त किए। मामले में सामूहिक हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप पाए जाने पर प्रकरण में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

एसएसपी का सख्त संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि हत्या और गंभीर अपराध करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। अपराध कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने वाले आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस हर गंभीर अपराध का त्वरित खुलासा कर आरोपियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पूरे मामले का खुलासा करने में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, एसडीओपी प्रभात पटेल, थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव सहित खरसिया और भूपदेवपुर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
error: Content is protected !!