सुशासन तिहार बना दिव्यांग खोमीन के आत्मनिर्भर जीवन की नई राह

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ट्राइसाइकिल से मिली रफ्तार, बढ़ा आत्मविश्वास और स्वतंत्रता का एहसास

रायपुर । शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं तभी सार्थक सिद्ध होती हैं, जब उनका लाभ अंतिम छोर के जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे और उनके जीवन में वास्तविक बदलाव आए। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से ऐसा ही एक प्रेरणादायी परिवर्तन मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में देखने को मिला है, जहां एक दिव्यांग महिला के जीवन को नई गति जब उन्हें एक ट्राइसाइकिल प्रदान की गई।

समाधान शिविर में सुनी गई समस्या जिले के विकासखंड अंबागढ़ चौकी अंतर्गत ग्राम हांडीटोला की निवासी खोमीन कल्लो बौनापन (ड्वार्फिज्म) से प्रभावित हैं। इस कारण उन्हें दैनिक गतिविधियों और आवागमन में लंबे समय से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। घर के सामान्य कार्यों से लेकर किसी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने तक के लिए वे पूरी तरह दूसरों पर निर्भर थीं। सुशासन तिहार 2026 के दौरान ग्राम हांडीटोला में आयोजित समाधान शिविर उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण लेकर आया। शिविर में जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग द्वारा उनकी समस्या को संवेदनशीलता से सुना गया। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी आवश्यकता का आंकलन किया और उन्हें एक ट्राइसाइकिल प्रदान की।

आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया सफर ट्राइसाइकिल मिलने के बाद खोमीन कल्लो के जीवन की राह आसान हो गई है। अब वे अपने दैनिक कार्य स्वयं करने लगी हैं और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने के लिए उन्हें किसी अन्य व्यक्ति की मदद की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस सहायता ने न केवल उनकी शारीरिक बाधा को दूर किया है, बल्कि उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास भी जगाया है। खोमीन कल्लो ने कहा कि इस ट्राइसाइकिल ने मेरे जीवन को नई रफ्तार दी है। पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों का मुंह ताकना पड़ता था, लेकिन अब मैं स्वतंत्र महसूस करती हूं। मेरे लिए यह केवल एक साधन नहीं, बल्कि स्वाभिमान से जीने का जरिया है।

मुख्यमंत्री और प्रशासन के प्रति जताया आभार खोमीन ने अपनी त्वरित सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन ने समय पर उनकी सुध ली, जिससे उनके जीवन की कई व्यावहारिक चुनौतियां दूर हो गईं। सुशासन तिहार के माध्यम से सामने आई खोमीन कल्लो की यह कहानी शासन की संवेदनशीलता, जन-कल्याणकारी सोच और श्अंत्योदयश् के संकल्प को चरितार्थ करने वाली एक प्रेरक मिसाल है।

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