विधानसभा में गूंजी मुंगेली की जर्जर सड़कों की बदहाली, विधायक पुन्नूलाल मोहले ने सरकार को घेरा

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18 प्रमुख सड़कों की खस्ताहाल स्थिति पर ध्यानाकर्षण सूचना, सरकार ने बजट, मरम्मत और निर्माण कार्यों की दी विस्तृत जानकारी

कई मार्गों के नवीनीकरण को मिली स्वीकृति, कुछ पर मरम्मत जारी तो कई सड़कें अब भी बजट का इंतजार कर रहीं

रायपुर/मुंगेली। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मुंगेली जिले की जर्जर ग्रामीण सड़कों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। मुंगेली विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुन्नूलाल मोहले ने नियम-138(1) के तहत ध्यानाकर्षण सूचना प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (CMGSY) के तहत निर्मित 18 प्रमुख सड़कों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विधायक ने सदन में कहा कि वर्षों पहले बनी सड़कें अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों का आवागमन खतरे से खाली नहीं है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकट हो गई है तथा गड्ढों में तब्दील सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

सरकार की ओर से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने विस्तृत जवाब प्रस्तुत करते हुए बताया कि अधिकांश सड़कों की गारंटी एवं संधारण अवधि समाप्त हो चुकी है। कई मार्गों के नवीनीकरण को वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में शामिल किया गया है, जबकि कुछ सड़कों पर पहले से मरम्मत और निर्माण कार्य जारी हैं। विभाग ने आश्वासन दिया कि वर्षाकाल समाप्त होते ही स्वीकृत सड़कों पर तेजी से कार्य शुरू कराया जाएगा।

‘ग्रामीणों की जान जोखिम में, अब तक क्यों नहीं हुई मरम्मत’

ध्यानाकर्षण सूचना के दौरान विधायक पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि मुंगेली विधानसभा क्षेत्र की कई सड़कें वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रही हैं। सड़कें जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। बारिश के दौरान इन मार्गों पर सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं है। सबसे अधिक परेशानी किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और ग्रामीण महिलाओं को हो रही है।

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उन्होंने कहा कि सड़कें खराब होने के कारण एंबुलेंस, स्कूल बस, कृषि वाहन और अन्य यातायात प्रभावित हो रहे हैं। कई स्थानों पर दुर्घटनाएं हुई हैं और लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर समय रहते इन सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई और नवीनीकरण में इतनी देरी क्यों हो रही है।

सरकार ने सड़कवार दी जानकारी

सरकार ने सदन में बताया कि विधायक द्वारा उल्लेखित 18 सड़कों में—

  • 6 सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत,
  • 10 सड़कें मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (CMGSY) के अंतर्गत,
  • तथा 2 सड़कें लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन हैं।

विभाग ने कहा कि अधिकांश सड़कें 5 से 10 वर्ष पहले बनी थीं और उनकी संधारण अवधि समाप्त हो चुकी है। अब चरणबद्ध तरीके से उनका नवीनीकरण कराया जाएगा।

हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके पास इन सड़कों पर दुर्घटनाओं से संबंधित कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है तथा वर्तमान में अधिकांश मार्गों पर आवागमन जारी है।

इन पांच प्रमुख सड़कों को बजट में मिली मंजूरी

सरकार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में कई महत्वपूर्ण मार्गों के नवीनीकरण को स्वीकृति दी गई है।

1. दाबो-छटन मार्ग (PMGSY)

7.30 किलोमीटर लंबी इस सड़क की संधारण अवधि जनवरी 2025 में समाप्त हो चुकी थी। अब इसके नवीनीकरण को स्वीकृति मिल गई है। बारिश समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।

2. हरियर-फागूपारा मार्ग (CMGSY)

लगभग 5.70 किलोमीटर लंबी इस सड़क का गारंटी काल वर्ष 2018 में समाप्त हो चुका था। लंबे समय से ग्रामीण इसकी मरम्मत की मांग कर रहे थे। अब इसे भी मुख्य बजट में शामिल कर लिया गया है।

3. अमलीकापा-केवराडबरी मार्ग

इस 5.70 किलोमीटर सड़क के नवीनीकरण को भी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्वीकृति दी गई है।

4. भालापुर-अचानकपुर मार्ग

लगभग 3.44 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का नवीनीकरण भी स्वीकृत किया गया है।

5. हरियरपुर-ढेडाधौरा मार्ग

लगभग 3 किलोमीटर लंबी इस सड़क के पुनर्निर्माण के लिए करीब 2 करोड़ 99 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

इन मार्गों पर पहले से चल रहा है काम

सरकार ने बताया कि शीतलदाह-गोपतपुर मार्ग का नवीनीकरण वर्ष 2025-26 में स्वीकृत हुआ था और वर्तमान में निर्माण कार्य प्रगति पर है।

इसी प्रकार सेतगंगा-परसवारा मार्ग के लिए वर्ष 2026-27 में 48 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बरसात के दौरान यहां गड्ढों की मरम्मत (पैच रिपेयर) की जाएगी तथा बारिश समाप्त होने के बाद पुलिया निर्माण का कार्य शुरू होगा। इस कार्य का कार्यादेश 14 मई 2026 को जारी किया जा चुका है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि पेण्डराकापा-सेतगंगा मार्ग नाम से कोई अलग सड़क अस्तित्व में नहीं है। दोनों बसाहटें राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं, जहां चौड़ीकरण का कार्य जारी है।

इन सड़कों की मरम्मत बजट मिलने पर होगी

सरकार ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आने वाले कई अन्य मार्गों की संधारण अवधि समाप्त हो चुकी है। इनका नवीनीकरण बजट उपलब्ध होने के बाद कराया जाएगा।

इनमें शामिल हैं—

  • जुझारभाठा-बिझौरी मार्ग
  • शीतलकुण्डा-सोनपुरी मार्ग
  • बांकी-चमारी मार्ग
  • झीटकनिहा-मानपुर मार्ग
  • सेमरकोना-मुरका मार्ग
  • कोदवाबानी-कुर्सी मार्ग
  • लौदा-पदमपुर मार्ग

इन सभी सड़कों की मरम्मत एवं नवीनीकरण के प्रस्ताव विभाग स्तर पर लंबित हैं।

इन मार्गों की स्थिति बेहतर बताई

सरकार ने सदन में जानकारी दी कि कुछ सड़कों का नवीनीकरण हाल ही में पूरा हुआ है, इसलिए वे अच्छी स्थिति में हैं।

इनमें—

  • मुंगेली-पंडरिया मुख्य मार्ग से बांकी,
  • टी-06 (दुल्लापुर) से झलियापुर,
  • पौनी से डोडा पहुंच मार्ग,
  • मोतिमपुर से खैरझीठी (PMGSY फेस-3)

शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन मार्गों पर अभी संधारण अवधि लागू है और उनकी स्थिति संतोषजनक है।

बरसात में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी

मुंगेली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें खराब होने का सबसे अधिक असर बारिश के मौसम में देखने को मिलता है। जगह-जगह जलभराव और गहरे गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। कई गांवों तक एंबुलेंस पहुंचने में कठिनाई होती है, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।

किसानों को कृषि उपज मंडियों तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ता है। वहीं स्कूली बच्चों और कॉलेज विद्यार्थियों को भी रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

अब धरातल पर काम शुरू होने का इंतजार

विधानसभा में मामला उठने और सरकार की ओर से बजट स्वीकृति की जानकारी दिए जाने के बाद अब जिले के लोगों की निगाहें धरातल पर शुरू होने वाले कार्यों पर टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मानसून के बाद समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आगामी वर्ष भी लोगों को इन्हीं जर्जर सड़कों पर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि जिन सड़कों की स्थिति अत्यधिक खराब है, वहां तत्काल विशेष मरम्मत अभियान चलाकर गड्ढे भरे जाएं और मानसून समाप्त होते ही स्वीकृत सभी परियोजनाओं का निर्माण युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। उनका कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि गांवों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आर्थिक गतिविधियों की जीवनरेखा है। इसलिए जर्जर सड़कों का शीघ्र नवीनीकरण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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