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अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार

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वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर चला विशेष अभियान, जंगली सुअर के शिकार का हुआ पर्दाफाश

रायपुर । वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध शिकार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ का वन विभाग लगातार सख्त कदम उठा रहा है। वन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत वन विभाग ने अवैध शिकार के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

गुप्त सूचना पर दी दबिश, घरों में पक रहा था मांस मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने बीती 31 मई 2026 को वन परिक्षेत्र छुईखदान के अंतर्गत ग्राम खुड़मुड़ी में एक सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान गांव के चार अलग-अलग घरों में मांस पकाया जा रहा था। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह मांस प्रतिबंधित वन्यप्राणी जंगली सुअर का है, जिसका उन्होंने अवैध रूप से शिकार किया था। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने अपने निजी खेत में अवैध रूप से विद्युत कनेक्शन (करंट) फैलाकर जंगली सुअर को मौत के घाट उतारा था।

शिकार में प्रयुक्त सामग्रियां और हथियार जब्त वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से वन्यप्राणी का मांस तथा शिकार में प्रयुक्त होने वाले सामान जब्त किए हैं, जिनमें बासुला, कुल्हाड़ी और हंसिया (धारदार हथियार), मांस पकाने में इस्तेमाल की जा रही कड़ाहियां शामिल है। वन विभाग ने इस मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के विभिन्न कड़े प्रावधानों के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है। सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में उपजेल सलोनी भेज दिया गया है।

वन विभाग की अपील वन्यजीवों की रक्षा में सहयोग करें वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोषियो को चेतावनी देते हुए कहा कि वन्यजीवों का अवैध शिकार एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वर्तमान में वन क्षेत्रों में लगातार गश्त और निगरानी बढ़ाई जा रही है। इस सफल कार्रवाई में वन परिक्षेत्र छुईखदान के अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। वन विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जैव विविधता की रक्षा में भागीदार बनें और किसी भी प्रकार की अवैध शिकार गतिविधि की जानकारी तत्काल विभाग को दें।

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