बिना अनुमति निर्माण पर नगर पालिका का नोटिस, 3 दिन में मांगे भूमि दस्तावेज वार्ड 17 में अवैध निर्माण का मामला, दस्तावेज नहीं देने पर कार्रवाई की चेतावनी
मुंगेली। शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर पालिका परिषद ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में तिलक वार्ड क्रमांक 17 निवासी अमित लाल को बिना अनुमति किए गए कथित निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। नगर पालिका प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर संबंधित भूमि के सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में दस्तावेज जमा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
नगर पालिका परिषद मुंगेली द्वारा जारी सूचना क्रमांक 986/न.पा./भ.नि.शा./2026-27 दिनांक 5 जून 2026 में कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा नगर पालिका क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कार्य कराया गया है। प्रशासन के अनुसार यह कार्य नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन है। नोटिस में पूर्व में जारी सूचना क्रमांक 4342/न.पा./भ.नि.शा./2025-26 दिनांक 30 मार्च 2026 का भी उल्लेख किया गया है।
बिना स्वीकृति निर्माण का आरोप

नगर पालिका के अनुसार वार्ड क्रमांक 17 स्थित भूमि पर निर्माण कार्य के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं की गई है। भवन निर्माण से पूर्व निकाय की स्वीकृति लेना तथा निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होता है। ऐसे में बिना अनुमति किए गए निर्माण को नियम विरुद्ध माना जाता है।
तीन दिन की मोहलत
जारी नोटिस में अमित लाल को निर्देशित किया गया है कि वे तीन दिवस के भीतर भूमि से संबंधित समस्त अभिलेख नगर पालिका परिषद कार्यालय में प्रस्तुत करें। इनमें भूमि स्वामित्व, राजस्व अभिलेख, नामांतरण, नक्शा एवं निर्माण अनुमति से जुड़े दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।
अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
मामले की जानकारी कलेक्टर मुंगेली, अनुविभागीय दंडाधिकारी (राजस्व), तहसीलदार मुंगेली तथा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को भी प्रेषित की गई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक होने पर समन्वित कार्रवाई कर सकता है।
अवैध निर्माण पर फिर छिड़ी बहस
नगर पालिका की इस कार्रवाई के बाद शहर में अवैध निर्माण और भूमि उपयोग नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नागरिकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि शहर में अन्य स्थानों पर किए गए निर्माण कार्यों की जांच किस स्तर पर हो रही है और नियमों के उल्लंघन के मामलों में क्या समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
फिलहाल संबंधित व्यक्ति को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। अब देखना होगा कि निर्धारित अवधि में अभिलेख प्रस्तुत किए जाते हैं या नगर पालिका परिषद अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई शुरू करती है।

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