वृद्धजनों की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म, श्रद्धा महिला मंडल ने लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

0
IMG-20260609-WA1302

बिलासपुर। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा सामाजिक सरोकारों के तहत माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं एवं बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान वृद्धजनों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श, दवाइयां एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।

यह शिविर श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मंडल की उपाध्यक्षगण एवं अन्य सदस्याएं भी उपस्थित रहीं। उन्होंने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों से आत्मीय मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें मानसिक और सामाजिक संबल प्रदान किया।

शिविर में डॉ. पारुली साहू एवं उनकी टीम ने 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान रक्तचाप (बीपी), नाड़ी जांच, सीबीसी, आरबीएस, एचबीए1सी, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल तथा लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न आवश्यक जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।

NTPC World Environment Day

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शशि दुहन ने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी सेवा, सम्मान और स्वास्थ्य की देखभाल प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने वृद्धाश्रम में निवासरत महिलाओं को हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की, ताकि बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

स्वास्थ्य शिविर के समापन पर वृद्धाश्रम में रह रहे 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फलों की टोकरियां वितरित की गईं। इस पहल से बुजुर्गों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली और उन्होंने श्रद्धा महिला मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और वृद्धजनों की सेवा में सहयोग किया। यह आयोजन श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, मानवीय संवेदनाओं और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण साबित हुआ। शिविर के माध्यम से न केवल बुजुर्गों को स्वास्थ्य लाभ मिला, बल्कि उनमें सुरक्षा, सम्मान और अपनत्व की भावना भी मजबूत हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
error: Content is protected !!