प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सुदृढ़ क्रियान्वयन हेतु महासमुंद में जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न
पात्र महिलाओं के शत-प्रतिशत पंजीयन, लंबित प्रकरणों के निराकरण और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदायगी पर विशेष फोकस
रायपुर । मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महासमुंद जिले में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बागबाहरा स्थित एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) परियोजना कार्यालय में आयोजित इस प्रशिक्षण में योजना के तहत पात्र महिलाओं तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने, शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण में जिले के सभी परियोजना क्षेत्रों से बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), सेक्टर पर्यवेक्षक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य मैदानी अमले की तकनीकी एवं प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना तथा योजना के क्रियान्वयन में एकरूपता लाना था, ताकि गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि का लाभ बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग टिकवेंद्र जटवार ने प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बेहतर पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक पात्र महिला का समय पर पंजीयन हो और कोई भी हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे।
राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों को योजना के नवीन दिशा-निर्देशों, पात्रता मानदंडों, आवेदन प्रक्रिया, पोर्टल संचालन एवं भुगतान प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में आई.पी.ई. ग्लोबल के सहयोग से डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अभिनव पाण्डेय, सेक्टर पर्यवेक्षक शीला प्रधान एवं उमा पटेल तथा ऑपरेटर सोनालिका ने तकनीकी सत्रों का संचालन किया और विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान हितग्राही पंजीयन की प्रक्रिया को सरल और त्रुटिरहित बनाने, आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन, ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि, भुगतान की निगरानी तथा लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि डेटा की शुद्धता और समयबद्ध ऑनलाइन प्रविष्टि योजना की सफलता का महत्वपूर्ण आधार है।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों एवं ऑपरेटरों की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें हितग्राहियों से निरंतर संपर्क बनाए रखने, जागरूकता बढ़ाने तथा आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फील्ड स्तर पर आने वाली चुनौतियों और समस्याओं पर चर्चा कर उनके व्यावहारिक समाधान भी साझा किए गए।
प्रशिक्षण के माध्यम से जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई, जिससे अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को समय पर योजना का लाभ प्राप्त हो सकेगा और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सकारात्मक सुधार सुनिश्चित होगा।

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