कमल विहार की समस्याओं को लेकर फूटा नागरिकों का आक्रोश कांग्रेस नेताओं के साथ सैकड़ों रहवासी पहुंचे RDA कार्यालय, गार्डन, स्ट्रीट लाइट, सफाई और जर्जर आवासों के समाधान की उठाई मांग
रायपुर। Kamal Vihar (कौशल्या माता विहार) में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत समस्याओं को लेकर अब नागरिकों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। क्षेत्र के रहवासियों ने गार्डन, सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सफाई व्यवस्था और जर्जर आवासीय भवनों जैसी अनेक समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से हस्तक्षेप करने की अपील की। नागरिकों ने कहा कि वर्षों से समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही।
नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता शेख शकील एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. नेहाल खान ने सैकड़ों रहवासियों के साथ Raipur Development Authority (आरडीए) कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों और अध्यक्ष से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कमल विहार और आसपास के क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं को विस्तार से रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की।

गार्डन विकसित नहीं, अवैध कब्जों का खतरा
बैठक के दौरान नागरिकों ने प्रमुख रूप से सार्वजनिक उद्यानों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। रहवासियों ने बताया कि कमल विहार में कई स्थानों पर गार्डन के लिए भूमि आरक्षित की गई है, लेकिन आज तक एक भी गार्डन व्यवस्थित रूप से विकसित नहीं हो सका। अधिकांश गार्डन खाली पड़े हैं और उनमें हरियाली का नामोनिशान नहीं है।

नागरिकों ने मांग की कि सभी गार्डनों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाए। बच्चों के लिए झूले, फिसलपट्टी और खेल उपकरण लगाए जाएं, वहीं वरिष्ठ नागरिकों के बैठने के लिए कुर्सियों और बैठने की उचित व्यवस्था की जाए। साथ ही खाली पड़ी गार्डन भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जे की कोशिशों पर चिंता जताते हुए तत्काल अतिक्रमण हटाने और “सार्वजनिक उद्यान” का बोर्ड लगाने की मांग की गई।

स्ट्रीट लाइट बंद, सफाई व्यवस्था चरमराई
प्रतिनिधिमंडल ने आरडीए अधिकारियों को बताया कि कमल विहार के अधिकांश सेक्टरों में स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी होती है। अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
इसके साथ ही साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। नागरिकों ने बताया कि नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हो रहे हैं। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
कर वसूली जारी, सुविधाएं नदारद
नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर निगम संपत्ति कर, भवन निर्माण कर और नक्शा पास कराने जैसी विभिन्न मदों में लगातार कर वसूली कर रहा है, लेकिन इसके बदले मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। लोगों का कहना है कि जब कर लिया जा रहा है तो नागरिक सुविधाएं भी उसी स्तर की मिलनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने आरडीए के खाली पड़े बड़े प्लॉटों को उपयोग में लाकर सामुदायिक भवन निर्माण कराने की मांग भी रखी, ताकि क्षेत्र के लोगों को सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त स्थान मिल सके।

जर्जर आवासीय कॉलोनी बनी खतरा
प्रतिनिधिमंडल ने Shyama Prasad Mukherjee Awas Colony की जर्जर स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। नागरिकों ने बताया कि कई साल पुरानी इमारतों की छत और दीवारें बुरी तरह कमजोर हो चुकी हैं। भवनों के अंदर और बाहर का प्लास्टर लगातार झड़ रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
रहवासियों ने कहा कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई और किसी प्रकार की जनहानि हुई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आरडीए प्रशासन की होगी। नागरिकों ने कॉलोनी में गंदे पानी की निकासी के लिए नालियों के निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
जल्द समाधान नहीं तो होगा घेराव
बैठक के दौरान आरडीए अध्यक्ष ने नागरिकों की समस्याओं को सुनते हुए कई मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। विशेष रूप से नाली निर्माण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की दिशा में पहल का भरोसा दिलाया गया।
हालांकि प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बताई गई समस्याओं का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो सैकड़ों नागरिकों के साथ आरडीए कार्यालय का घेराव किया जाएगा और व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
इस अवसर पर सुरेश साहू, जाहिर अहमद खान, बबला भाई, प्रणव वर्मा, फहीम खान, पुष्पा बुनकर, आलसी बाई, अर्पणा गुप्ता, रुकसाना खान, फरहत खान, प्रकाश सोनी, हुमायूं खान, सलमान खान सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई चाहिए।

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