कोयला हेराफेरी मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, मस्तुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जी-11 कोयले में मिलावट कर प्लांट को पहुंचाई गई भारी क्षति, मोबाइल और नकदी जब्त
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के मस्तुरी थाना क्षेत्र में कोयला हेराफेरी के चर्चित मामले में पुलिस ने फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ पुलिस की मस्तुरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और 1000 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामला अपराध क्रमांक 389/2026 के तहत धारा 316(3), 317(4) और 111 बीएनएस में दर्ज किया गया है। प्रकरण की शिकायत कप्तान सत्यनारायण (52 वर्ष) निवासी श्यामा विहार, चिल्हाटी मोड़, मोपका द्वारा दर्ज कराई गई थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि एसीसीएल कोल माइंस, कोरबा से करीब 30,000 टन जी-11 ग्रेड कोयला सप्लाई के लिए ऑर्डर दिया गया था, जिसे एसएम एंटरप्राइजेस के माध्यम से ट्रेलरों द्वारा प्लांट तक पहुंचाया जा रहा था। 17 जून 2026 की रात से सुबह के बीच प्लांट में पहुंचे कुछ ट्रेलरों की जांच के दौरान गड़बड़ी सामने आई।
जांच में पाया गया कि तीन ट्रेलर वाहनों—CG 10 EC 5488, CG 10 BT 6138 और CG 15 EG 5055—में लाया गया कोयला निर्धारित गुणवत्ता का नहीं था। उसमें खराब क्वालिटी का मिलावटी और गिट्टी मिश्रित कोयला पाया गया। पूछताछ के दौरान ट्रेलर चालक संदेह के घेरे में आए, लेकिन डर के कारण मौके से फरार हो गए।
विवेचना में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ट्रेलर चालक, वाहन मालिक और उनके सहयोगी मिलकर गेवरा माइंस से लोड किए गए उच्च गुणवत्ता वाले जी-11 कोयले को रास्ते में उतार देते थे। इसके बाद बेलतरा टोल प्लाजा स्थित एक कोल डिपो में निम्न गुणवत्ता वाले कोयले में गिट्टी मिलाकर ट्रेलरों में दोबारा भर दिया जाता था, जिसे प्लांट में सप्लाई किया जाता था।
जांच के दौरान आरोपी आकाश सिंघल के कोल डिपो की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, डिपो में रोलर मशीन की मदद से कोयले की मिलावट कराई जाती थी। इसके एवज में आरोपियों के बीच पैसों का बंटवारा किया जाता था।
मामले में पुलिस पहले ही सुमित यादव, आकाश सिंघल, सूरज सिंह और जयकांत यादव को गिरफ्तार कर चुकी थी। इनके कब्जे से तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और लगभग 30 टन कोयला जब्त किया गया था।
अब पुलिस ने फरार आरोपी वैभव सोनी उर्फ चुकलू (30 वर्ष) निवासी भेंसर जयरामनगर और निखिल साहू (33 वर्ष) निवासी गोल्डन पार्क बोदरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने पूर्व गिरफ्तार आरोपियों के साथ मिलकर कोयला हेराफेरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
आरोपियों द्वारा घटना में प्रयुक्त एक-एक मोबाइल फोन और 1000 रुपये नगद पेश किए गए, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। दोनों आरोपियों को 28 जून 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर 29 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
संगठित गिरोह के रूप में हो रही थी हेराफेरी
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से कार्य कर रहा था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कोयला हेराफेरी के इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने ट्रकों के जरिए मिलावटी कोयला सप्लाई किया गया।

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