नशा तस्कर ‘मुकेश बनिया’ पर रायपुर पुलिस का आर्थिक प्रहार
₹42 लाख की संपत्तियां SAFEMA के तहत फ्रीज, मकान और तीन वाहनों पर कार्रवाई
रायपुर। नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। आदतन एनडीपीएस आरोपी मुकेश उर्फ “मुकेश बनिया” की लगभग 42 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों पर SAFEMA सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने फ्रीजिंग ऑर्डर को कन्फर्म कर दिया है। इस कार्रवाई को नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा “सूखे नशे के विरुद्ध अभियान” के तहत मादक पदार्थ तस्करों पर लगातार बहुआयामी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब केवल नशे की बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहकर अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को भी निशाना बना रही है।
डीसीपी सेंट्रल जोन Umesh Prasad Gupta और एडिशनल डीसीपी Tarkeshwar Patel के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विस्तृत वित्तीय जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी और उससे जुड़े लोगों के नाम पर एक आवासीय मकान तथा तीन वाहन हैं, जिन्हें कथित रूप से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदा गया।

31 आपराधिक मामलों का आरोपी है मुकेश
पुलिस के अनुसार, मुकेश उर्फ मुकेश बनिया रायपुर में लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें NDPS एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या, बलवा, मारपीट और गुंडागर्दी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
दिनांक 26 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से 6.119 किलोग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, तथा 2400 अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां बरामद की गई थीं। जांच के दौरान उसके आधुनिक तकनीक से संचालित गांजा हाइडआउट का भी खुलासा हुआ था।
संपत्तियों पर नहीं कर सकेगा कोई लेन-देन
लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए आरोपी के खिलाफ पहले ही PIT-NDPS Act, 1988 के तहत डिटेंशन ऑर्डर जारी किया जा चुका था। इसके बाद पुलिस ने उसके आर्थिक नेटवर्क की जांच शुरू की और NDPS Act की धारा 68-F(1) के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव भेजा।
सक्षम प्राधिकारी, मुंबई द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय साक्ष्यों की जांच के बाद फ्रीजिंग ऑर्डर को मंजूरी दे दी गई। अब इन संपत्तियों को बिना अनुमति बेचना, हस्तांतरित करना, गिरवी रखना या किसी अन्य रूप में उपयोग करना संभव नहीं होगा।
वैध आय साबित नहीं हुई तो संपत्ति होगी जब्त
अब आरोपी और संबंधित पक्षों को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष यह साबित करना होगा कि संपत्तियां वैध आय से खरीदी गई हैं। यदि वैध स्रोत प्रस्तुत नहीं किया जाता, तो नियमानुसार संपत्तियों को स्थायी रूप से शासन के पक्ष में जप्त (Forfeiture) किया जा सकता है।
रायपुर पुलिस का स्पष्ट संदेश
एसीपी कोतवाली Deepak Mishra के पर्यवेक्षण में इस कार्रवाई के लिए आवश्यक दस्तावेजों का संकलन, राजस्व एवं परिवहन अभिलेखों की जांच और SAFEMA से समन्वय का कार्य निरीक्षक Satish Singh Gaharwar ने किया।
रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब नशा तस्करों के खिलाफ लड़ाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस उनके अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों और आर्थिक तंत्र को भी पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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