शिक्षा से बड़ा कोई धन नहीं, लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करें विद्यार्थी: मंत्री लखन लाल देवांगन
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैंसमा में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का हुआ आयोजन
नव प्रवेशी विद्यार्थियों का किया गया अभिनंदन, वितरित की गई अध्ययन सामग्री
डीएमएफ से शिक्षा व्यवस्था को मिल रही नई मजबूती, मेधावी विद्यार्थियों के लिए जिले में ही होगी नीट-जेईई की निःशुल्क तैयारी

भैंसमा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में डबल स्टोरी भवन एवं बाउंड्रीवाल निर्माण की हुई घोषणा
रायपुर । प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की अध्यक्षता में आज कोरबा विकासखंड के ग्राम भैंसमा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर एवं मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष कोरबा श्रीमती बीजमोती राठिया, अध्यक्ष करतला जनपद श्रीमती अशोका विश्राम कंवर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, उपाध्यक्ष जनपद करतला श्री मनोज झा, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, सहायक कलेक्टर श्री ईशान जायसवाल, सीईओ श्री दिनेश नाग, डीईओ श्री टी पी उपाध्याय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं स्कूली बच्चे व पालक उपस्थित थे। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत से अतिथियों का अभिनंदन किया व आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने सभी विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक सत्र के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नया सत्र नई ऊर्जा, नए संकल्प और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आगे बढ़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से बड़ा कोई धन नहीं होता। यह जीवन की सबसे बड़ी धरोहर है, जिसका कभी बंटवारा नहीं किया जा सकता। विद्यार्थी अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत और लगन से अध्ययन करें, तभी वे सफलता के शिखर तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतिदिन विद्यालय आने, शिक्षकों का सम्मान करने, अनुशासन का पालन करने तथा देश का जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बनने का आह्वान किया।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि राज्य शासन की मंशा है कि प्रत्येक बच्चा शिक्षा प्राप्त कर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। परिवार का एक सदस्य शिक्षित होने से पूरा परिवार जागरूक और प्रगतिशील बनता है। इसलिए शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा उनकी पढ़ाई-लिखाई में स्वयं रुचि लेने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल, मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क गणवेश एवं पाठ्य पुस्तकों सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। श्रम विभाग द्वारा श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों को दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) को मिले अधिकारों का लाभ जिले के विकास में प्रभावी रूप से लिया जा रहा है। डीएमएफ के माध्यम से विद्यालयों में पौष्टिक नाश्ते का वितरण किया जा रहा है। साथ ही विद्यार्थियों को नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मानदेय शिक्षकों की नियुक्ति, अधोसंरचना विकास तथा मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के अनेक कार्य भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे विद्यार्थी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मेधावी विद्यार्थियों के लिए शीघ्र ही कोरबा जिले में ही नीट एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी की विशेष व्यवस्था की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय मार्गदर्शन अपने जिले में ही उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैंसमा में विद्यार्थियों की दर्ज संख्या को देखते हुए वर्तमान भवन के ऊपर द्वितीय तल निर्माण तथा विद्यालय परिसर की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन कार्यों के पूर्ण होने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 की सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नया शैक्षणिक सत्र नई आकांक्षाओं, नई ऊर्जा और नए संकल्पों के साथ प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए मजबूत अधोसंरचना और पर्याप्त मानव संसाधन दोनों की समान रूप से आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से जिले के विद्यालयों में अधोसंरचना विकास एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 255 करोड़ रुपए प्राथमिकता के साथ व्यय किए जा रहे हैं। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान के समान स्थान दिया गया है। विद्यार्थियों के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण बारह वर्ष शिक्षकों के मार्गदर्शन में व्यतीत होते हैं, इसलिए शिक्षकों पर राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने सभी शिक्षकों से नए शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य करते हुए शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम का संकल्प लेने और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन दोबारा नहीं लौटता। आज का परिश्रम ही भविष्य की दिशा निर्धारित करता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी अपने समय का सदुपयोग करते हुए लक्ष्य निर्धारित करे, दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत के साथ अध्ययन करे तथा श्रेष्ठ से सर्वश्रेष्ठ बनने का प्रयास करे। उन्होंने कहा कि स्कूली जीवन के किसी भी पड़ाव पर स्पष्ट लक्ष्य, संघर्ष और सतत प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मेधावी विद्यार्थियों के लिए नीट एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही देश के सभी शासकीय एवं अनुदान प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने वाले जिले के विद्यार्थियों की शिक्षा का व्यय भी जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ के माध्यम से वहन किया जाएगा, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने। कलेक्टर श्री दुदावत ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा उनकी पढ़ाई पर सतत ध्यान देने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को जनपद पंचायत कोरबा की अध्यक्ष श्रीमती राठिया, जनपद पंचायत करतला की अध्यक्ष श्रीमती कंवर तथा जनपद पंचायत करतला के उपाध्यक्ष श्री मनोज झा ने भी संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने तथा अपनी प्रतिभा को निखारकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और उनकी पढ़ाई-लिखाई पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्तित्व निर्माण एवं भविष्य की मजबूत नींव रखने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हुआ स्वागत, अध्ययन सामग्री एवं साइकिल का हुआ वितरण
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने प्राथमिक शाला से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तक के नवप्रवेशी विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तक एवं अन्य अध्ययन सामग्री वितरित कर नियमित रूप से विद्यालय आने तथा मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्य अतिथि मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत विद्यालय के कक्षा 9वीं की छात्राओं को साइकिल वितरित की। उन्होंने कहा कि इस योजना से दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करने वाली बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी तथा बालिका शिक्षा को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
मेधावी विद्यार्थियों एवं उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित कर उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान की सराहना की गई।
न्योता भोज में विद्यार्थियों के साथ शामिल हुए अतिथि
शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर विद्यालय परिसर में न्योता भोज का आयोजन भी किया गया। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर भोजन किया तथा उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित किया।

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