बीईओ विमित्र धृतलहरे का औचक निरीक्षण, कई स्कूलों में शिक्षक मिले नदारद

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अनुपस्थित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस, अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

मुंगेली। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विमित्र धृतलहरे ने मंगलवार सुबह विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। सुबह लगभग 7:30 बजे किए गए निरीक्षण के दौरान जहां कई विद्यालयों में शिक्षक समय पर उपस्थित मिले, वहीं कुछ स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति पाए जाने पर बीईओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीईओ विमित्र धृतलहरे ने नगर क्षेत्र के चार विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला (नगर पालिका) तथा बी.आर. साव उच्च माध्यमिक शाला में सभी शिक्षक समय पर उपस्थित पाए गए। विद्यालयों की अनुशासित कार्यप्रणाली और नियमित शैक्षणिक व्यवस्था पर उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए शिक्षकों की समयपालन के लिए सराहना की।

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हालांकि निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में गंभीर लापरवाही भी सामने आई। प्राथमिक शाला स्वामी आत्मानंद में प्रधान पाठक अमृता पांडे को छोड़कर अन्य शिक्षक अनुपस्थित मिले। इसी प्रकार इनसाइट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षक लेबेन राजपूत एवं राशि भानु अनुपस्थित पाए गए। बिना पूर्व सूचना के शिक्षकों की अनुपस्थिति को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए बीईओ ने संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा नियमानुसार विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान बीईओ ने केवल शिक्षकों की उपस्थिति ही नहीं, बल्कि विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पाठ्यपुस्तक वितरण, कक्षा संचालन, शिक्षण गुणवत्ता तथा अभिलेखों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में नियमित एवं समयबद्ध शिक्षण सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

बीईओ विमित्र धृतलहरे ने विशेष रूप से एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों की पढ़ने, लिखने और गणना करने की मूलभूत क्षमताओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए सभी शिक्षकों को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा, ताकि बच्चों के सीखने के स्तर में ठोस सुधार लाया जा सके।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शिक्षकों को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर नियमित रूप से शिक्षण कार्य करना अनिवार्य होगा।

बीईओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी विद्यालय में बिना पूर्व अनुमति के शिक्षक अनुपस्थित पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि औचक निरीक्षण की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि विद्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे।

शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति है, वहीं नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले शिक्षकों और अभिभावकों ने विभाग की इस पहल का स्वागत किया है। विभाग का मानना है कि ऐसे औचक निरीक्षणों से विद्यालयों में समयपालन बढ़ेगा, शिक्षण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।

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