पल्स पोलियो अभियान सफल, जिले में 1,19,792 बच्चों को पिलाई गई पोलियो की खुराक
तीन दिवसीय अभियान में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमों ने घर-घर पहुंचकर सुनिश्चित किया शत-प्रतिशत कवरेज
मुंगेली । कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. गिरीश कुर्रे एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार के मार्गदर्शन में जिले में 28 से 30 जून 2026 तक संचालित तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अभियान के दौरान जिले के कुल 1,19,792 बच्चों को पोलियो रोधी दवा की खुराक पिलाई गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थीं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए यह प्रयास किया गया कि जिले का कोई भी पांच वर्ष तक का बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

अभियान के प्रथम दिवस 28 जून 2026 को जिले में कुल 810 पोलियो बूथ बनाए गए, जहां 1,620 कर्मचारियों की तैनाती की गई। इन बूथों के माध्यम से गांवों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। पहले ही दिन बूथों पर 1,10,905 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई, जो अभियान की बड़ी सफलता रही।
स्वास्थ्य विभाग ने उन बच्चों तक पहुंचने के लिए भी विशेष रणनीति बनाई जो सामान्य पोलियो बूथों तक नहीं पहुंच सकते थे। इसके लिए बस स्टैंड, ट्रांजिट प्वाइंट, ईंट-भट्टों, छात्रावासों, मलिन बस्तियों, निर्माण स्थलों तथा अस्थायी रूप से रहने वाले परिवारों के बीच विशेष ट्रांजिट एवं मोबाइल टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने लगातार भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों की पहचान की और उन्हें पोलियो की दवा पिलाई।
अभियान के दूसरे एवं तीसरे दिन यानी 29 और 30 जून 2026 को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा सहयोगियों ने घर-घर पहुंचकर सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन बच्चों की पहचान की गई जो पहले दिन किसी कारणवश पोलियो बूथ तक नहीं पहुंच पाए थे। घर-घर संपर्क अभियान के तहत 8,887 बच्चों को अतिरिक्त रूप से पोलियो की खुराक पिलाई गई।
इस प्रकार तीन दिवसीय अभियान के अंत तक जिले में कुल 1,19,792 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त किया गया। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग, मैदानी अमले और स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान में सहयोग देने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगियों, स्वयंसेवकों तथा अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। विभाग ने अपील की कि भविष्य में भी प्रत्येक पल्स पोलियो अभियान में पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त भारत का लक्ष्य स्थायी रूप से बनाए रखा जा सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम नियमित टीकाकरण और पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता है। सामूहिक जागरूकता और जनसहयोग से ही स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।

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