केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने समुद्र तट पर संभाली स्वच्छता अभियान की कमान
वेट्टुकॉड बीच पर श्रमदान कर दिया स्वच्छ भारत का संदेश, हरिता कर्म सेना की महिला स्वयंसेविकाओं संग किया सफाई अभियान
तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने अपने केरल प्रवास के दूसरे दिन तिरुवनंतपुरम स्थित वेट्टुकॉड समुद्र तट पर आयोजित विशेष स्वच्छता अभियान का नेतृत्व करते हुए स्वच्छ भारत मिशन को नई ऊर्जा प्रदान की। इस अभियान में हरिता कर्म सेना की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला स्वयंसेविकाओं, स्वच्छता कर्मियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समुद्र तट पर आयोजित यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त संदेश भी बनकर सामने आया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री तोखन साहू ने स्वयं श्रमदान कर साफ-सफाई में हिस्सा लिया और उपस्थित लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर समुद्र तट से कचरा हटाया।
श्रमदान कर दिया जनभागीदारी का संदेश
स्वच्छता अभियान के दौरान तोखन साहू ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी सरकारी विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जब समाज स्वयं आगे बढ़कर सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता के लिए योगदान देता है, तब अभियान जनआंदोलन का रूप लेता है।

उन्होंने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने की आदत को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उनका कहना था कि छोटी-छोटी जिम्मेदारियां मिलकर बड़े परिवर्तन की आधारशिला तैयार करती हैं।
महिला स्वयंसेविकाओं की भूमिका की सराहना
अभियान के दौरान मंत्री ने हरिता कर्म सेना की महिला स्वच्छता कर्मियों एवं सामुदायिक स्वयंसेवकों के कार्यों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं का समर्पण और अनुशासन स्वच्छ एवं स्वस्थ शहरी वातावरण निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले स्वच्छता कर्मी और स्वयंसेवक ही किसी भी मिशन की वास्तविक शक्ति होते हैं। इनके निरंतर प्रयासों से ही शहरों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना संभव हो पाता है।
स्वच्छ भारत मिशन को बताया जनआंदोलन
तोखन साहू ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बना है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इसकी सफलता सरकार और नागरिकों के साझा प्रयासों पर निर्भर करती है।
मंत्री ने कहा कि स्वच्छ समुद्र तट, पार्क, सड़कें और सार्वजनिक स्थल केवल सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि पर्यटन, जनस्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार लाते हैं।
प्लास्टिक प्रदूषण रोकने पर दिया जोर
अपने संबोधन में मंत्री ने अपशिष्ट पृथक्करण, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक प्रदूषण में कमी लाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे एकल उपयोग प्लास्टिक से दूरी बनाएं और पर्यावरण हितैषी विकल्प अपनाएं।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति कचरे के पृथक्करण और जिम्मेदार निस्तारण की आदत अपनाए, तो शहरों की स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकती है। इससे न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि संसाधनों का बेहतर पुनर्चक्रण भी संभव होगा।
स्वच्छ, हरित और सतत शहरों का संकल्प
तोखन साहू ने कहा कि सामुदायिक सहभागिता पर आधारित ऐसे अभियान नागरिकों में उत्तरदायित्व और स्वामित्व की भावना को मजबूत करते हैं। यही भावना स्वच्छ, हरित और सतत शहरों के निर्माण की वास्तविक आधारशिला है।
स्वच्छता अभियान के समापन के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री ने अपना आधिकारिक केरल दौरा पूर्ण कर नई दिल्ली के लिए प्रस्थान किया। उनका यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन के जनसहभागिता मॉडल को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरक पहल माना जा रहा है।

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