अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में छत्तीसगढ़ से 5 प्रतिनिधि होंगे शामिल 19 जुलाई को अलीगढ़ में होगा संयुक्त राष्ट्रीय अधिवेशन, पंचायतों के सशक्तिकरण पर होगा मंथन
रिपोर्टर ✒️ बसंत कुमार
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । अखिल भारतीय पंचायत परिषद दिल्ली (छत्तीसगढ़ राज्य इकाई) द्वारा आगामी 19 जुलाई 2026 को अलीगढ़ में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य से पांच अधिकृत प्रतिनिधियों की घोषणा कर दी गई है। परिषद के प्रदेश मुख्य महासचिव, संगठन महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी डॉ. विपेन्द्र कुमार महेश ने राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान को आधिकारिक सूची प्रेषित कर सहभागिता सुनिश्चित की है।

अलीगढ़ स्थित नेताजी सुभाष सभागार में आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से पंचायत प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे। अधिवेशन का प्रमुख उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, बलवंत राय मेहता तथा जय प्रकाश नारायण की ग्राम स्वराज पर आधारित परिकल्पना को साकार करने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना है।

अधिवेशन में ग्राम पंचायतों को अधिक विकसित, स्वावलंबी, आत्मनिर्भर, सुदृढ़ और सशक्त बनाने के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं के समक्ष मौजूद चुनौतियों और संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की जाएगी। परिषद का मानना है कि स्थानीय स्वशासन को मजबूत किए बिना ग्रामीण विकास की परिकल्पना अधूरी है।
छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच प्रमुख पदाधिकारियों के नाम घोषित किए गए हैं। इनमें श्री घनश्याम प्रसाद यादव (राष्ट्रीय महासमिति सदस्य), डॉ. लिल्लू राम केंवट (प्रदेश संयोजक एवं प्रभारी), श्री सुरेश कुमार केंवट (प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष), डॉ. विपेन्द्र कुमार महेश (प्रदेश मुख्य महासचिव, संगठन महामंत्री, प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी) तथा श्री बिरजू राम खाण्डे (जिला महासचिव, सारंगढ़-बिलाईगढ़) शामिल हैं।
परिषद की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अधिवेशन में भाग लेने वाले सभी प्रतिनिधियों की यात्रा एवं आवास संबंधी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। प्रतिनिधियों की रेल यात्रा के लिए ई-टिकट सहित आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां भी सुनिश्चित कर ली गई हैं ताकि प्रतिनिधि सुचारु रूप से राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग ले सकें।
संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि यह संयुक्त राष्ट्रीय अधिवेशन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि देशभर में पंचायत व्यवस्था को नई दिशा देने वाला मंच साबित होगा। इसमें विकेंद्रीकरण, स्थानीय शासन की मजबूती, ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और संगठनात्मक विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष मंथन किया जाएगा।
अखिल भारतीय पंचायत परिषद ने विश्वास जताया है कि यह राष्ट्रीय अधिवेशन पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और ग्रामीण भारत के विकास के लिए नई नीतिगत सोच को जन्म देगा।

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