कांग्रेसी झूठे नैरेटिव सेट कर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है: अनुराग सिंहदेव
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित निर्णय करते हुए 66 कब्जाधारियों को आवास मुहैया कराया, नवा रायपुर के सेक्टर 30 में 1200 परिवार पहले से निवासरत है जहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध है
कांग्रेस विधायक नकटी में मकान नहीं लेने संबंधी जो पत्र लिख रहे है वो पत्र भूपेश बघेल और मोहम्मद अकबर को प्रेषित करें यह प्रस्ताव उन्हीं का था
विधायक आवास बनाने हेतु स्थान का चिन्हांकन एवं अतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष एवं अन्य की एक समिति द्वारा किया जाता है

नकटी की अतिक्रमण भूमि अभी भी राजस्व विभाग के पास अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही जिला प्रशासन ने अपने अतिक्रमण विरोधी मुहिम के अंतर्गत की
एक-एक व्यक्ति 29-29 हजार वर्गफीट भूमि कब्जा करे यह सामान्य नहीं है ऑर्गनाईस्ड अतिक्रमण है
झूठे विमर्श खड़ाकर जनता के भावनाओं को भड़काकर व अराजकता की राजनीति कर रही कांग्रेस बलौदाबाजार की पुनरावृत्ति चाहती है कांग्रेस
छत्तीसगढ़ की जनता को नकारात्मक राजनीति पसंद नही षड़यंत्रकारियों के विरूध्द कड़ी कार्यवाही हो
रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा है कि नकटी ग्राम में हटाए गए अतिक्रमण के वास्तविक सत्य सामने आने के बाद से पूरे प्रकरण का नीर-क्षीर सत्य प्रकाश में आ गया है और इस मामले में फैलाई जा रहे झूठ और अफवाहों का सच भी उजागर हो गया है। श्री सिंहदेव ने रविवार को यहां भाजपा कार्यालय में आहूत एक महती पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री सिंहदेव ने इस पूरे मामले में पूरे नकटी ग्राम को उजाड़ दिए जाने के फैलाई जा रहे झूठ का प्रतिवाद करते हुए कहा कि नकटी ग्राम के कुल रकबे की वास्तविक जानकारी हम सबको होनी चाहिए। इस ग्राम की कुल आबादी 2110 है तथा इस ग्राम में शासकीय भूमि 22.736 हेक्टेयर है, निजी भूमि यहां पर 24.175 हेक्टेयर है इसके अतिरिक्त वहां पर चारागाह के रूप में कुछ अतिरिक्त भूमि है। श्री सिंहदेव ने बताया कि इस पूरे मामले में 2022 के पटवारी प्रतिवेदन में यह स्पष्ट किया गया था कि यह अतिक्रमण सिर्फ 3 हेक्टेयर शासकीय जमीन पर है। जिस पर कच्चे मकान व बाड़ी चिन्हांकित की गई थी। इसके बाद जो अतिक्रमण हुआ वह 2022 और 2023 का है। इस पूरे मामले में एक नोटशीट तहसीलदार द्वारा चलाई गई उसकी विस्तार से चर्चा करते हुए श्री सिंहदेव ने कहा कि उस समय योजनाबद्ध ढंग से शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया गया। यह ऑनलाइन रिकॉर्ड है इससे पहले हाईकोर्ट में भी रिट दायर की गई थी। जिसमें हाईकोर्ट ने भी इस चारागाह व शासकीय भूमि माना था। श्री सिंहदेव ने कहा कि इस पर अतिक्रमण का रकबा 29000 वर्गफुट के 2 कब्जाधारी, 17000 वर्गफुट के 5 कब्जाधारी एवं 10 हजार वर्गफुट के 20 कब्जाधारी है। जहां 50 लाख तक के पक्के मकान थे।
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री सिंहदेव ने कहा कि विधायक आवास के लिए यह अतिक्रमण हटाए जाने की बात कह कर नैरेटिव सेट करने का प्रयास किया गया है। श्री सिंहदेव ने कहा कि 1 सितंबर 2020 को कांग्रेस के तत्कालीन आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर के विभाग ने प्रस्ताव दिया था कि सामान्य आवास के लिए यह भूमि हमें प्रदान की जाए। इसके बाद इस भूमि पर रिसेंट एक पत्र वर्तमान आवास एवं पर्यावरण मंत्री का भी है जो 2 फरवरी 2026 को लिखा गया था। उन्होंने बताया कि यह भूमि हमारे पास नहीं है और विधायक आवास बनाना है यह प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष की एक कमेटी निर्णय लेती है। इस अवधि तक इस प्रकार की कोई योजना नहीं थी। आज की स्थिति में वह भूमि राजस्व विभाग के खाते में है किसी भी अन्य विभाग के खाते में नहीं। श्री सिंहदेव ने कहा कि यह जो नैरेटिव बना कि यह जमीन विधायक आवास के लिए खाली कराई गई है यह विषय कहां से आया? निश्चित रूप से यह विषय एक बड़े फेक नैरेटिव पर आधारित है। जिसके आधार पर कांग्रेस के लोगों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और टीएस सिंहदेव से लेकर दीपक बैज तक ने जन भावनाओं को भड़काने का काम किया गया और तो और आवास व पर्यावरण मंत्री के निज निवास में जबरिया अंदर घुसने की चेष्टा की गई। श्री सिंहदेव ने कहा कि यह न केवल फेक नैरेटिव सेट करके राजनीति करने का मामला है बल्कि यह एक तरह से अराजक राजनीति को बढ़ावा देने का मामला है।
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस द्वारा झूठा प्रचार कर जन भावनाओं को भड़काकर अपराधिक कृत किया जा रहा है। अतिक्रमण के व्यवस्थापन के पक्ष की चर्चा करते हुए श्री सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित निर्णय करते हुए न केवल 66 कब्जाधारियों को आवास मुहैया कराया, अपितु सेक्टर 30 में जहां 1200 परिवार पहले से निवासरत है सर्व-सुविधा युक्त स्थान पर उनका आवास उपलब्ध कराया गया है। यह उनका स्थाई निवास है जिसकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी की जाएगी। अतिक्रमण प्रभावित परिवारों को वहां अभी तक भोजन नाश्ता आदि भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इन सभी लोगों ने इस व्यवस्थापन को स्वीकार कर अपना सामान शिफ्ट कर लिया है सिर्फ कुछ लोग जो बरगलाए गए हैं, वही वहां पर अभी विस्थापित नहीं हुए हैं।
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री सिंहदेव ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सेरीखेड़ी में 152 परिवारों को जबरिया बेघर किया गया। वहां विधायकों को आवास देना था वहां पर बेघर किए गए लोगों का व्यवस्थापन तो दूर खाना पानी तक के लिए नहीं पूछा गया और बाद में 61 विधायक-सांसदों को मकान व भूमि उपलब्ध कराई गईं श्री सिंहदेव ने कहा कि जो लोग आज प्रश्न उठा रहे हैं उन्होंने सेरीखेड़ी में क्या किया था? इसी तरह नवा रायपुर के 27 गांव के किसानों का मुआवजा व अन्य मांगों को लेकर 292 दिन का आंदोलन हुआ था। बघेल सरकार ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की बल्कि बलपूर्वक उनको वहां से भगाया था। वहीं आंदोलन में बरौद गांव के निवासी सियाराम पटेल की मृत्यु हो गई थी। 18 किसानों पर एफआईआर दर्ज किया गया था उन्हें सेंट्रल जेल भेजा गया था। जिसे जनता भूल नहीं सकती। श्री सिंहदेव ने नकटी ग्राम के परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करके ऐन-क्रेन प्रकारेण अराजकता फैलाने का आरोप लगाया और आपराधिक राजनीति करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
इस दौरान पत्रकारा वार्ता में प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश प्रवक्ता सुनील चौधरी एवं प्रदेश मीडिया सह संयोजक प्रवीण साहू मौजूद रहें।

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