पीएम ई-बस सेवा, AMRUT 2.0 और डीडीए की योजनाओं की केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने की समीक्षा

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समयबद्ध क्रियान्वयन, जनकेंद्रित सुशासन और हरित सार्वजनिक परिवहन पर दिया जोर

रायपुर-भिलाई-दुर्ग-राजनांदगांव बस कॉरिडोर के सर्वे का सुझाव, अरपा नदी संरक्षण और ‘कैच द रेन’ अभियान की भी समीक्षा

नई दिल्ली । केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने संसद के आगामी मानसून सत्र की तैयारियों के मद्देनजर बुधवार को नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में मंत्रालय की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की जन शिकायत निवारण व्यवस्था तथा अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT 2.0) के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया गया।

बैठक में राज्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता योजनाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचाना है, इसलिए जवाबदेही, पारदर्शिता और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

ई-बस सेवा से मिलेगा स्वच्छ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन

समीक्षा बैठक में सबसे पहले प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना एवं ग्रीन अर्बन मोबिलिटी इनिशिएटिव्स की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक में शहरी परिवहन प्रभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा ओएसडी (अर्बन ट्रांसपोर्ट) भी उपस्थित रहे।

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तोखन साहू ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और यातायात के दबाव को देखते हुए इलेक्ट्रिक बसें भविष्य का सबसे प्रभावी सार्वजनिक परिवहन माध्यम हैं। इससे प्रदूषण में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी तथा नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती परिवहन उपलब्ध होगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-बस परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा सभी स्वीकृत कार्य समय पर पूरे किए जाएं।

छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

बैठक के दौरान राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने रायपुर, भिलाई, दुर्ग और राजनांदगांव के बीच संभावित ई-बस मार्गों का सर्वेक्षण कर क्षेत्रीय सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और मजबूत बनाने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि इन शहरों के बीच प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में आधुनिक इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और सड़क परिवहन अधिक पर्यावरण अनुकूल बनेगा।

डीडीए को दिए जन शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश

इसके बाद केंद्रीय राज्य मंत्री ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर जन शिकायतों की समीक्षा की।

उन्होंने लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से निराकरण होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण की निगरानी व्यवस्था और मजबूत बनाई जाए तथा प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करे।

उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

AMRUT 2.0 परियोजनाओं की भी हुई व्यापक समीक्षा

राज्य मंत्री ने अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT 2.0) के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में संयुक्त सचिव ईशा कालिया सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में संचालित जलापूर्ति, सीवरेज तथा शहरी अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया गया।

तोखन साहू ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल के अपने हालिया दौरे के अनुभव साझा करते हुए कहा कि परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन, संसाधनों का बेहतर उपयोग और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली ही सफलता की कुंजी है।

जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में जलापूर्ति योजनाओं, सीवरेज नेटवर्क, शहरी आधारभूत संरचना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा की गई।

राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा आ रही है, उनका तत्काल समाधान किया जाए ताकि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे हो सकें।

उन्होंने कहा कि शहरों के सतत विकास के लिए मजबूत आधारभूत संरचना अत्यंत आवश्यक है।

अरपा नदी संरक्षण पर विशेष जोर

बैठक के दौरान तोखन साहू ने बिलासपुर की अरपा नदी के संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने कहा कि नदी में बिना उपचारित सीवेज का प्रवाह रोकने के लिए आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट अवसंरचना विकसित करना आवश्यक है। इससे नदी प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

रायपुर में आधुनिक स्ट्रीट फूड हब विकसित करने का सुझाव

राज्य मंत्री ने रायपुर में नदी तट के आसपास आधुनिक स्ट्रीट फूड हब विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि इससे शहरी सौंदर्यीकरण के साथ स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। शहरों के विकास में ऐसे नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

‘कैच द रेन’ अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से संचालित ‘कैच द रेन’ अभियान की भी समीक्षा की गई।

तोखन साहू ने वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, जल पुनर्चक्रण तथा शहरी जलाशयों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि जनभागीदारी का विषय है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों की सहभागिता बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा वर्षा जल संचयन को हर शहर में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

‘विकसित भारत’ के लिए जल-सुरक्षित और हरित शहर जरूरी

बैठक के समापन पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वच्छ, हरित, आधुनिक और जल-सुरक्षित शहरों का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देश के शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, सार्वजनिक परिवहन मजबूत बनेगा, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

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