उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से कबीरधाम के बच्चों को मिली नई जिंदगी की उम्मीद
नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी शिविर में 53 बच्चों की जांच, 18 बच्चों का होगा निःशुल्क ऑपरेशन
उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर लगा विशेष हृदय जांच शिविर
रायपुर । उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर कबीरधाम जिले में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय संबद्ध शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय में रायपुर के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के सहयोग से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 53 बच्चों की विशेषज्ञ जांच की गई, जिनमें 18 बच्चों को ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया। इन सभी बच्चों का उपचार शासन की व्यवस्था के अनुसार पूरी तरह निःशुल्क कराया जाएगा।

समय पर पहचान से मिलेगा बेहतर इलाज
इस पहल का उद्देश्य जन्मजात एवं अन्य हृदय रोगों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के माध्यम से चिन्हित बच्चों का ऑपरेशन और उपचार निःशुल्क कराया जाएगा, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे के इलाज में बाधा न बने।

कलेक्टर ने किया निरीक्षण, नियमित शिविरों के दिए निर्देश
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वास्थ्य विभाग को ऐसे विशेष जांच शिविर नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हृदय रोग से पीड़ित प्रत्येक बच्चे का उपचार बिना किसी विलंब के सुनिश्चित किया जाए।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी सेवाएं
शिविर में रायपुर से आए पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. चन्द्रकांत उसेंडी ने बच्चों की ईको कार्डियोग्राफी जांच की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी शिविर में उपस्थित रहकर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया का अवलोकन किया।
चिरायु योजना से मिल रहा निःशुल्क उपचार
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत स्कूलों, आश्रम-छात्रावासों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। गंभीर बीमारी पाए जाने पर बच्चों को शासन द्वारा अनुबंधित शासकीय एवं निजी अस्पतालों में, आवश्यकता पड़ने पर राज्य के बाहर भी निःशुल्क उपचार एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
हृदय रोग के संकेतों को न करें नजरअंदाज
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सलिल मिश्रा ने बताया कि दूध पीते समय जल्दी थक जाना, अत्यधिक पसीना आना, होंठ या नाखून नीले पड़ना, वजन नहीं बढ़ना, तेज सांस चलना, थोड़े परिश्रम में सांस फूलना, सीने में दर्द, चक्कर आना या बेहोश होना हृदय रोग के प्रमुख संकेत हो सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं।

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