गौ सेवकों की समस्या सुनकर बोले विजय शर्मा—पशु सेवा के लिए हरसंभव सहयोग करें अधिकारी

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उप मुख्यमंत्री ने कबीरधाम में ली गौ सेवकों एवं अधिकारियों की बैठक, रेस्क्यू और उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने दिए निर्देश

पशु रेस्क्यू वाहन 24 घंटे संचालित करने, पर्याप्त चिकित्सकीय अमला उपलब्ध कराने और बड़े स्थान पर उपचार-विस्राम व्यवस्था विकसित करने पर जोर

कवर्धा । उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने गुरुवार को कबीरधाम जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गौ सेवकों एवं संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में जिले में सड़कों पर विचरण करने वाले पशुओं, बीमार एवं घायल पशुओं के रेस्क्यू, उपचार तथा उनके लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने गौ सेवकों से उनके सेवा कार्य के दौरान सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी ली और पशुओं के बेहतर संरक्षण एवं उपचार व्यवस्था को लेकर सुझाव भी लिए।

बैठक में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा सहित गौ सेवक एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

गौ सेवकों के सेवा कार्य की सराहना

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गौ सेवक दिन-रात बीमार और घायल पशुओं की सेवा में जुटे रहते हैं। वे मेहनत, लगन और सेवाभाव के साथ सड़क पर घायल अवस्था में मिले पशुओं का रेस्क्यू कर उन्हें उपचार के लिए पशु चिकित्सालय तक पहुंचाते हैं।

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उन्होंने गौ सेवकों के सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पशुओं की सेवा और संरक्षण के लिए उनके प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौ सेवक जब भी किसी सेवा कार्य अथवा घायल पशु के रेस्क्यू से संबंधित कार्य के लिए संपर्क करें तो संपर्क व्यवस्था दुरुस्त रहे। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए।

पशुपालन विभाग के चिकित्सकीय अमले की ली जानकारी

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग में उपलब्ध चिकित्सकों, सहायक चिकित्सकों एवं अन्य मानव संसाधन तथा विभागीय सेटअप की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों की पदस्थापना स्थल, अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों तथा जहां चिकित्सकीय सेवाओं की आवश्यकता है, उन स्थानों की भी जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने सभी चिकित्सकों की बैठक आयोजित कर जिले में पशुओं के उपचार एवं रेस्क्यू व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां पशुओं के उपचार की अधिक आवश्यकता है, वहां चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बीमार और घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सके।

उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को सेवाभाव, ललक और मेहनत के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

पशु रेस्क्यू वाहन 24 घंटे संचालित करने के निर्देश

विजय शर्मा ने जिले में उपलब्ध पशु रेस्क्यू वाहन के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पशु रेस्क्यू वाहन को 24 घंटे संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सड़क दुर्घटना में घायल अथवा बीमार पशु की सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंच सके, इसके लिए जिम्मेदारी और संपर्क व्यवस्था को व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने कहा कि रेस्क्यू व्यवस्था जितनी तेज और प्रभावी होगी, घायल पशुओं को उतनी ही जल्दी उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

बड़े स्थान पर उपचार और विश्राम की व्यवस्था पर चर्चा

बैठक में स्वर्ण जयंती परिसर का निरीक्षण कर वहां पशु चिकित्सालय को शिफ्ट करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने गौ सेवकों, अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से परिसर का निरीक्षण कर पशु चिकित्सालय को वहां स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने कहा कि बड़े और व्यवस्थित स्थान पर पशुओं के उपचार, देखभाल एवं विश्राम के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सकती है। ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया, जहां बीमार एवं घायल पशुओं को उपचार के साथ सुरक्षित स्थान, पर्याप्त खुला क्षेत्र और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि इससे गौ माता सहित अन्य पशुओं के संरक्षण एवं सेवा कार्य को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

किसानों को पैरादान के लिए करें प्रेरित

बैठक में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने आसपास के गांवों के किसानों से संपर्क कर अधिक से अधिक पैरादान कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा फसल अवशेष के रूप में उपलब्ध पैरा जलाने के बजाय गौवंश के लिए दान किया जाए। इससे एक ओर पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने गौ सेवकों एवं संबंधित लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में वीडियो और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए किसानों को पैरादान के लिए जागरूक करने की बात कही।

दुर्घटना संभावित स्थानों पर बेरिकेडिंग का सुझाव

बैठक में सड़क पर बैठे पशुओं को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए दुर्घटना संभावित एवं अत्यधिक मोड़ वाले स्थानों को चिन्हांकित करने पर भी चर्चा हुई। ऐसे स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार बेरिकेडिंग अथवा अन्य सुरक्षा उपाय करने का सुझाव दिया गया।

इसका उद्देश्य सड़क पर बैठे पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। साथ ही वाहन चालकों को भी ऐसे स्थानों पर सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।

सेवा और संरक्षण व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर जोर

बैठक में रेस्क्यू, उपचार, चारा, सुरक्षित स्थान और चिकित्सकीय सुविधाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए पशु संरक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और गौ सेवकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बीमार, घायल एवं सड़क पर विचरण करने वाले पशुओं के लिए व्यवस्थित सेवा व्यवस्था विकसित की जा सके।

बैठक में गौ सेवक नीलेश सोनी, संस्कार दुबे, तरूण साहू, अंकुश विश्वकर्मा, अनमोल ठाकुर, वैदिक मिश्रा, नीरज ठाकुर, अमित चंद्रवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गौ सेवक उपस्थित रहे।

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