चार जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक संपन्न।
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर हुआ मंथन, किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने पर दिया गया जोर
बिलासपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों बिलासपुर, भाटापारा, मुंगेली और कवर्धा की संयुक्त वैज्ञानिक सलाहकार समिति (एसएसी) की महत्वपूर्ण बैठक कवर्धा में आयोजित हुई। बैठक में चारों कृषि विज्ञान केंद्रों के पिछले एक वर्ष के कार्यों एवं उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता निदेशक विस्तार सेवाओं के प्रतिनिधि डॉ. जी.पी. आयाम ने की। उन्होंने वैज्ञानिकों से किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि अनुसंधान और तकनीकों को खेत तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

बैठक के दौरान चारों कृषि विज्ञान केंद्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने अपने-अपने केंद्रों की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट और आगामी वर्ष की कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण किया। कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर का प्रस्तुतिकरण डॉ. शिल्पा कौशिक मोदी, भाटापारा का डॉ. प्रदीप कश्यप, मुंगेली का डॉ. सतीश वर्मा तथा कवर्धा का डॉ. बी.पी. त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया। प्रस्तुतिकरण में किसानों के लिए संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी प्रदर्शन, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन एवं अन्य विस्तार गतिविधियों की जानकारी साझा की गई।
बैठक में निदेशक विस्तार सेवाओं के प्रतिनिधि सदस्य डॉ. रंजीत सिंह राजपूत, कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर की डॉ. गीत शर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र भाटापारा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अंगद सिंह राजपूत, कृषि विज्ञान केंद्र मुंगेली के डॉ. सतीश वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र कवर्धा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.पी. त्रिपाठी सहित चारों केंद्रों के वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रगतिशील किसानों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक में कृषकों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से समिति सदस्यों और प्रगतिशील किसानों ने भी अपने सुझाव साझा किए। बिलासपुर के उपसंचालक कृषि का प्रतिनिधित्व करते हुए शशांक शिंदे बैठक में शामिल हुए। इसके अलावा समिति सदस्य राघवेंद्र सिंह चंदेल, माधव सिंह, अजय सिंह, रेशम बाई, माखन श्रीवास्तव सहित विभिन्न जिलों से आए कृषि स्थायी समिति के सदस्यों एवं बड़ी संख्या में किसानों ने कृषि विकास, तकनीकी नवाचार और किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार रखे।
समयबद्ध बैठकों पर दिया गया जोर
बैठक के समापन अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर की ओर से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं किसान प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठकें नियमित और समयबद्ध रूप से आयोजित होती रहें, ताकि कृषि अनुसंधान, नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह का लाभ किसानों तक शीघ्र पहुंच सके तथा कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिल सके।

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