मत्स्य कृषकों को स्पॉन संवर्धन योजना का लाभ, निःशुल्क मत्स्य बीज एवं तकनीकी मार्गदर्शन

0
IMG-20260727-WA0640

वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की पहल, आय बढ़ाने और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि पर जोर

रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित स्पॉन संवर्धन योजना के तहत प्रदेश में आदिवासी मत्स्य कृषकों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी एवं प्रतापपुर के चार अनुसूचित जनजाति वर्ग के मत्स्य कृषकों को निःशुल्क गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज (स्पॉन) एवं नर्सरी जाल वितरित किए गए।

मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बसदेई में तैयार उच्च गुणवत्ता वाले स्पॉन को सुरक्षित ऑक्सीजन पैकिंग के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुंचाया गया, जिससे परिवहन के दौरान मत्स्य बीज की गुणवत्ता और जीवित रहने की क्षमता बनी रहे। स्पॉन के बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रत्येक हितग्राही को नर्सरी जाल भी उपलब्ध कराया गया।

NTPC World Environment Day

इस अवसर पर मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने हितग्राहियों को तालाब की वैज्ञानिक तैयारी, स्पॉन संचयन, नर्सरी प्रबंधन, जल गुणवत्ता संरक्षण तथा आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। इससे मत्स्य कृषकों को कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

मत्स्य पालन विभाग का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के मत्स्य कृषकों को गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज, आवश्यक संसाधन एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना तथा राज्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है। विभाग की यह पहल ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में मत्स्य पालन को स्वरोजगार और आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!