माओवाद प्रभावित अंचल में डिजिटल विकास की नई पहल

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मिसमा में शुरू हुआ आधार सेवा केंद्र, पांच गांवों के ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

रायपुर । डिजिटल विकास की नई पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और शासन को पारदर्शी व आसान बनाना है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुकमा जिले के दूरस्थ और माओवाद प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शासन की डिजिटल सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और ग्रामीणों को जरूरी शासकीय सेवाएं अब उनके घर के नजदीक ही मिलने लगी हैं। इसी कड़ी में कोंटा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मिसमा में आधार सेवा केंद्र एवं अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू किया गया है।

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कलेक्टर  अमित कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस केंद्र से मिसमा सहित आसपास के पांच गांवों के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। अब सामसेट्टी, पिन्नाभेज्जी, मुंदपल्ली, चिचोरगुड़ा और पुनपल्ली के ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

अब गांव में ही मिलेंगी आधार से जुड़ी सेवाएं मिसमा में आधार सेवा केंद्र शुरू होने से ग्रामीणों को नया आधार पंजीयन, बायोमेट्रिक अपडेट और आधार में आवश्यक जानकारी के संशोधन की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो गई है। नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग, मोबाइल नंबर और ई-मेल जैसी जानकारियों में आवश्यक सुधार भी निर्धारित शुल्क पर UIDAI के नियमों के अनुसार कराया जा सकेगा। पहले इन सेवाओं के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इसमें समय और धन दोनों खर्च होते थे। अब गांव के पास ही सुविधा मिलने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।

डिजिटल सेवाओं से जुड़ रहे ग्रामीण आधार आज शासन की अनेक योजनाओं और सेवाओं का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। बैंकिंग सेवाओं, शासकीय योजनाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार से जुड़ी सेवाएं महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में मिसमा में आधार सेवा केंद्र की शुरुआत ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से भी ग्रामीणों को विभिन्न डिजिटल और शासकीय सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे दूरस्थ गांवों में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।

विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा माओवाद प्रभावित क्षेत्र कभी माओवाद की चुनौती से प्रभावित रहे इन क्षेत्रों में अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और डिजिटल सेवाओं का विस्तार हो रहा है। मिसमा में शुरू हुआ आधार सेवा केंद्र इस बदलाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह पहल बताती है कि शासन की योजनाएं और सुविधाएं अब दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों तक भी पहुंच रही हैं। डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ने से ग्रामीणों का समय और संसाधन बच रहे हैं तथा वे आसानी से शासकीय योजनाओं का लाभ ले पा रहे हैं। मिसमा का यह आधार सेवा केंद्र ग्रामीणों के लिए सुविधा का केंद्र बनने के साथ-साथ क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव और विकास की नई कहानी भी लिख रहा है।

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