पहली ही बारिश में बह गई 2.85 करोड़ के आत्मानंद स्कूल की ‘उत्कृष्टता’, छतों से टपका पानी, निर्माण गुणवत्ता कटघरे में

0
Screenshot_20260729_195214

रिपोर्टर ✒️ मनीष अग्रवाल

20 जुलाई को हुआ था लोकार्पण, छतों से सीपेज के साथ टपका पानी, बाउंड्रीवाल, रसोईघर व अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर अभिभावकों ने जताई नाराज़गी

सरगांव । करोड़ों रुपये की सरकारी राशि से तैयार किए गए स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय के नवीन भवन की हकीकत पहली ही बारिश ने उजागर कर दी। नगर पंचायत सरगांव के वार्ड क्रमांक-1 (खपरी रोड) स्थित इस भवन का ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) द्वारा 2 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। भवन का लोकार्पण 20 जुलाई को क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया था, लेकिन पहली ही बारिश ने निर्माण गुणवत्ता की पूरी पोल खोल दी।

NTPC World Environment Day

लोकार्पण दौरान देखा गया कि कई कक्षों की छतों से पानी टपकने और सीपेज की समस्या दिखाई दी। भवन की छत पर पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से जलभराव हो रहा है और उसका सीधा असर कक्षाओं की छतों पर दिखाई दे रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पहली ही बारिश में इस तरह की स्थिति ने आरईएस विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के अनुरूप हुआ होता तो शुरुआत के कुछ ही दिनों में यह हाल नहीं होता। मामला केवल छतों के रिसाव तक सीमित नहीं है। विद्यालय में अब तक बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं किया गया है। विद्यालय से कुछ दूरी पर शराब दुकान संचालित होने के कारण अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वहीं मध्यान्ह भोजन के लिए रसोईघर का अभाव और परिसर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होना भी गंभीर खामियों को उजागर करता है। यदि पहली बारिश में ही करोड़ों की इमारत जवाब देने लगे तो आने वाले वर्षों में इसकी मजबूती और विद्यार्थियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर दोषी ठेकेदार, निर्माण एजेंसी तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है

बाउंड्रीवाल नहीं, बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था अधूरी
2.85 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ड्रीम प्रोजेक्ट में बच्चों की सुरक्षा जैसी बुनियादी व्यवस्था तक अधूरी छोड़ दी गई है। विद्यालय परिसर में अब तक बाउंड्रीवाल निर्माण को अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। जिससे बाउंड्रीवाल (अहाता) का निर्माण नहीं कराया गया है, पूरा परिसर खुला पड़ा है। इससे आवारा मवेशियों के साथ-साथ सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं के विद्यालय परिसर में प्रवेश का खतरा बना रहता है। कल ही दो बच्चों के ऊपर बिच्छू गिरने की खबर मिली है, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। अभिभावक आरिफ ख़ान का कहना है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह उदासीन नजर आ रहा है। वहीं विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र की नियमित साफ-सफाई भी नहीं कराई गई है। परिसर में उगी झाड़ियां और अनचाहे पेड़-पौधे संभावित खतरे को और बढ़ा रहे हैं।

नए स्कूल भवन में रसोईघर तक नहीं, 2 किलोमीटर दूर से आता है मध्यान्ह भोजन

नवीन स्वामी आत्मानंद विद्यालय भवन में मध्यान्ह भोजन तैयार करने के लिए रसोईघर का निर्माण नहीं किया गया है। मध्यान्ह भोजन बनाने वाली महिला ने बताया कि रसोईघर नहीं होने के कारण भोजन पुराने स्कूल भवन में तैयार करना पड़ता है। इसके बाद प्रतिदिन करीब 2 किलोमीटर की दूरी तय कर भोजन नए विद्यालय भवन तक लाया जाता है, जहां बच्चों को परोसा जाता है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में समय, श्रम और अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्कूल से महज 500 मीटर दूर शराब दुकान, अभिभावकों ने जताई सुरक्षा की चिंता

अभिभावक महेंद्र कुमार साहू ने बताया कि विद्यालय भवन से लगभग 500 मीटर (आधा किलोमीटर) की दूरी पर शासकीय देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकान की कॉम्पोजिट बिल्डिंग संचालित है। शराब दुकान होने के कारण पूरे दिन इस मार्ग पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। कई बार नशे की हालत में वाहन चलाने वाले लोग भी इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिससे स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। विद्यालय परिसर के आसपास कुछ असामाजिक तत्व बैठकर शराब का सेवन करते हैं, जिससे विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

11 माह में बनना था भवन, करीब दो साल बाद हुआ उद्घाटन

नवीन भवन का निर्माण निर्धारित समयसीमा से काफी देर से पूरा हुआ। 25 मार्च 2023 को सरगांव में आयोजित ‘भरोसे का सम्मेलन’ के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुंगेली जिले के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा किया था। इसके बाद स्कूल भवन निर्माण के लिए 15 मई 2023 को कार्यादेश जारी हुआ। कार्य को 11 माह में पूरा किया जाना था और इसकी निर्धारित अंतिम तिथि 14 अप्रैल 2024 थी। निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं होने पर अक्टूबर 2024 में प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार पर 9 लाख 22 हजार 453 रुपये का जुर्माना लगाया और निर्माण कार्य 31 मार्च 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद भवन का उद्घाटन काफी बाद में हुआ। 10 मई 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअल माध्यम से नवीन भवन का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम मुंगेली जिले में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान हुआ। इस तरह कार्यादेश जारी होने से उद्घाटन तक करीब तीन वर्ष का समय लगा, जबकि निर्माण अवधि 11 माह निर्धारित थी।

विद्यालय भवन में सीपेज की समस्या सामने आई है। इसकी मरम्मत के लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। लगातार बारिश होने के कारण फिलहाल मरम्मत कार्य नहीं कराया जा सका है। मौसम साफ होते ही सीपेज की समस्या का मरम्मत कार्य कराया जाएगा।

विजय मित्र,
एसडीओ, आरईएस विभाग पथरिया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!