शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का करें समयबद्ध क्रियान्वयन, प्रत्येक पात्र व्यक्ति को मिले शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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सुशासन की नई व्यवस्था : पारस पोर्टल से हर माह होगी योजनाओं की राज्यस्तरीय समीक्षा

पारस पोर्टल से होगी योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग, जनहित की योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

रायपुर । शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कर आमजन तक अधिकतम लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से विकसित पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल अब सुशासन का एक प्रभावी माध्यम बनेगा। यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पारस पोर्टल की पहली राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन-1076, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी, डीबीएन वित्तपोषित मोबाइल टॉवर परियोजना तथा स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े छह प्रमुख एजेंडों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप परिणाम सुनिश्चित करे।

सीमांकन मामलों में लापरवाही पर मुख्यमंत्री की नाराजगी

बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में सीमांकन से जुड़े लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं और सक्षम अधिकारी के आदेश के बाद भी कई मामलों में समय पर सीमांकन नहीं हो रहा है। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो रही है।

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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीमांकन संबंधी प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जमीनी स्तर पर लापरवाही और जिला स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग के अभाव को दर्शाती है। सभी कलेक्टर नियमित समीक्षा करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

एग्रीस्टैक में शत-प्रतिशत किसान पंजीयन के निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल धान खरीदी तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की आधारभूत प्रणाली है।

उन्होंने सभी कलेक्टरों को विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक पात्र किसान का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही के कारण कोई पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित होता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

सीएम हेल्पलाइन को बनाया जाए प्रभावी जनसमस्या समाधान का माध्यम

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन-1076 का उद्देश्य नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है, इसलिए प्राप्त शिकायतों और फीडबैक का गंभीर विश्लेषण कर व्यवस्थागत सुधार किए जाएं।

उन्होंने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों की विशेष समीक्षा करते हुए विभागवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जिन जिलों का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं है, वहां विशेष अभियान चलाकर शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन में अब तक 1 लाख 10 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 65 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। प्राप्त फीडबैक में 55.29 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने सकारात्मक संतुष्टि व्यक्त की है।

सेवा सेतु के माध्यम से सभी सेवाएं हों ऑनलाइन

मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में 27 विभागों की 721 अधिसूचित सेवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन सेवाओं को अभी तक ऑनलाइन नहीं लाया गया है, उन्हें भी शीघ्र सेवा सेतु से जोड़ा जाए।

उन्होंने ग्राम पंचायतों, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा अटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवा सेतु का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को घर के निकट ही ऑनलाइन सेवाओं का लाभ मिल सके।

विकसित भारत जी-रामजी योजना में ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता

बैठक में विकसित भारत जी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाए। जिन पंचायतों में अभी तक कार्य स्वीकृत नहीं हुए हैं, वहां तत्काल प्रस्ताव स्वीकृत कर विकास कार्य शुरू किए जाएं, ताकि ग्रामीण अधोसंरचना को तेजी से मजबूत किया जा सके।

मोबाइल कनेक्टिविटी और स्कूल शिक्षा योजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने डीबीएन वित्तपोषित 476 मोबाइल टॉवरों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा करते हुए परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इसके साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, सरस्वती साइकिल योजना तथा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

स्कूलों में पोषण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसरों में किचन गार्डन विकसित करने के अभियान को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को ताजा एवं पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। साथ ही स्कूल परिसरों में सहजन, कटहल सहित अन्य उपयोगी पौधों के रोपण पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि वे स्वयं इस अभियान से जुड़ें और यह पहल जनआंदोलन का रूप ले सके।

प्रत्येक माह होगी पारस पोर्टल के माध्यम से समीक्षा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पारस पोर्टल शासन की योजनाओं की प्रभावी निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती देगा। उन्होंने घोषणा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तर पर सभी प्रमुख योजनाओं एवं जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, समस्याओं का समय पर समाधान होगा तथा आम जनता तक शासकीय सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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