पेपर लीक की सूचना मिलते ही कृषि मंत्री नेताम ने दिखाई सख्ती, तत्काल FIR और जांच के निर्देश

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बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना के बाद परीक्षा निरस्त

5 सदस्यीय जांच समिति गठित, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश

रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना को कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गंभीरता से लिया है। मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल जांच समिति गठित करने तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देशों के परिपालन में मामले में एफआईआर दर्ज कर दी गई है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना अत्यंत गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध जांच के बाद कड़ी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा शुरू होने से पहले मिली प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना

उल्लेखनीय है कि बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित होने वाली थी। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना प्राप्त हुई। सुबह 8:50 बजे कवर्धा से प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

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प्रश्नपत्र की गोपनीयता और परीक्षा की निष्पक्षता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 10:30 बजे परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया। परीक्षा निरस्त किए जाने के बाद पूरे मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

पांच सदस्यीय जांच समिति गठित

मामले की विस्तृत जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति प्रश्नपत्र लीक होने की पूरी घटना, प्रश्नपत्र के बाहर पहुंचने की संभावित परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच करेगी।

जांच समिति उपलब्ध तथ्यों, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

दोषियों पर होगी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई

कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने की घटना विद्यार्थियों के हितों और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और विद्यार्थियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

विद्यार्थियों के हित में जल्द तय होगी नई परीक्षा तिथि

कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरस्त की गई परीक्षा की आगामी तिथि जल्द निर्धारित की जाएगी। नई परीक्षा तिथि की जानकारी परीक्षार्थियों को समय पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

उन्होंने विद्यार्थियों से भी अपील की कि वे किसी प्रकार की अफवाहों पर भरोसा न करें और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर ही विश्वास करें।

विश्वविद्यालय स्तर पर होती है प्रश्नपत्रों की सेटिंग और छपाई

उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की सेटिंग एवं छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर की जाती है। इसके बाद प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं।

ऐसे में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच समिति यह भी पता लगाएगी कि प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय स्तर से संबंधित महाविद्यालय तक पहुंचने की प्रक्रिया के दौरान किस स्तर पर गोपनीयता भंग हुई और प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले बाहर कैसे पहुंचा।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कृषि मंत्री ने पूरे मामले में जिम्मेदारी तय कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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