ई-केवाईसी से होगी हर बिजली कनेक्शन की पहचान, 1 सितंबर से शुरू होगी प्रक्रिया

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कबीरधाम जिले के 2 लाख 03 हजार 931 कनेक्शनों का होगा सत्यापन, वैध उपभोक्ताओं के साथ मृत एवं अनधिकृत कनेक्शनों की भी होगी पहचान

रिपोर्टर 🖋️ कमलेश सिंह, ब्यूरो कवर्धा

कवर्धा। विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शनों एवं उनके रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी कराया जाएगा। यह प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इसके अंतर्गत कबीरधाम जिले के कुल 2 लाख 03 हजार 931 विद्युत कनेक्शनों का सत्यापन किया जाएगा।

ई-केवाईसी के माध्यम से विद्युत कनेक्शन से संबंधित उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि विद्युत कनेक्शन जिस व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, वह वास्तविक एवं वैध उपभोक्ता है या नहीं और वर्तमान में उस कनेक्शन का उपयोग कौन कर रहा है।

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इस प्रक्रिया से विद्युत कंपनी को अपने उपभोक्ता रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन करने के साथ वास्तविक उपभोक्ताओं का प्रमाणिक डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही लंबे समय से अपडेट नहीं हुए विद्युत कनेक्शनों की स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी।

मृत उपभोक्ताओं के नाम पर दर्ज कनेक्शनों की होगी पहचान

कई मामलों में उपभोक्ता की मृत्यु हो जाने के बाद भी विद्युत कनेक्शन उसके नाम पर दर्ज रहता है। ई-केवाईसी के माध्यम से ऐसे कनेक्शनों की पहचान की जा सकेगी। इसके बाद वर्तमान उपयोगकर्ता की पहचान कर नियमानुसार उपभोक्ता के नाम में आवश्यक परिवर्तन तथा रिकॉर्ड को अद्यतन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।

इसी तरह ऐसे विद्युत कनेक्शनों की भी पहचान करने में सहायता मिलेगी, जिनका उपयोग अनधिकृत अथवा अवैध रूप से किया जा रहा है या जिनमें उपभोक्ता से संबंधित जानकारी लंबे समय से अपडेट नहीं हुई है। इससे विद्युत कंपनी को संभावित अनियमितताओं को चिन्हित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तीन विकल्प

ई-केवाईसी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विद्युत उपभोक्ताओं को तीन विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। उपभोक्ता ‘मोर बिजली मोबाइल ऐप’ के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं।

इसके अलावा उपभोक्ता अपने नजदीकी वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय में पहुंचकर अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकेंगे। तीसरे विकल्प के तहत मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करेगा।

ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके लिए ओटीपी, फिंगरप्रिंट अथवा फेस ऑथेंटिकेशन जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग किया जाएगा।

ई-केवाईसी के लिए नहीं देना होगा कोई शुल्क

विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क होगी। इसके लिए किसी भी उपभोक्ता से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि ई-केवाईसी के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को राशि न दें। यदि कोई व्यक्ति ई-केवाईसी कराने के नाम पर पैसे की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विद्युत कार्यालय को दी जाए।

उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही ई-केवाईसी कराएं और किसी संदिग्ध लिंक, अनजान वेबसाइट अथवा अनधिकृत ऑनलाइन माध्यम का उपयोग न करें।

उपभोक्ता रिकॉर्ड को बनाया जाएगा अधिक प्रमाणिक

ई-केवाईसी को केवल पहचान सत्यापन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्युत कंपनी के उपभोक्ता डेटाबेस को अधिक सटीक, प्रमाणिक और अद्यतन बनाने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे वास्तविक एवं वैध उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही मृत उपभोक्ताओं के नाम पर दर्ज कनेक्शनों, अनधिकृत उपयोग तथा अवैध विद्युत कनेक्शनों की पहचान करने में भी सहायता मिलेगी। रिकॉर्ड अपडेट होने से विद्युत कंपनी और उपभोक्ताओं के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी तथा भविष्य में विद्युत सेवाओं से संबंधित कार्यों को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील

विद्युत वितरण कंपनी ने कबीरधाम जिले के सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ होने वाली ई-केवाईसी प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें और अपने विद्युत कनेक्शन का ई-केवाईसी अवश्य कराएं।

उपभोक्ताओं के सहयोग से जिले के विद्युत कनेक्शनों का वास्तविक और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करने के साथ विद्युत व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, व्यवस्थित एवं उपभोक्ता-केंद्रित बनाने में मदद मिलेगी।

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