चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने स्कूलों में चलाया जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को दी सुरक्षा की जानकारी

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चारों विकासखंडों के स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को 1098 हेल्पलाइन और सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श के बारे में किया जा रहा जागरूक

रिपोर्टर 🖋️ कमलेश सिंह, ब्यूरो कवर्धा

कवर्धा। कबीरधाम जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य के अंतर्गत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की टीम के माध्यम से जिले के चारों विकासखंडों के स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, सुरक्षा, संरक्षण तथा किसी भी प्रकार की परेशानी की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी आनंद कुमार तिवारी एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी चंचल यादव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत शासकीय हाई स्कूल राम्हेपुर में विद्यार्थियों के बीच चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन की उपयोगिता और जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

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1098 पर फोन कर बच्चे ले सकते हैं मदद

चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के महेश कुमार निर्मलकर ने विद्यार्थियों को बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 बच्चों के लिए राष्ट्रीय स्तर की 24 घंटे संचालित होने वाली निशुल्क फोन आउटरीच सेवा है। उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चे जिन्हें देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता है, वे इस सेवा के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि अनाथ, बेसहारा, घुमंतू, गुमशुदा बच्चों के साथ-साथ बाल श्रम और बाल विवाह जैसी परिस्थितियों से प्रभावित बच्चों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए 1098 पर निशुल्क फोन किया जा सकता है। किसी बच्चे को परेशानी में देखने पर भी उसकी मदद के लिए इस हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है।

सेफ टच और अनसेफ टच की दी जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सेफ टच और अनसेफ टच के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि शरीर के संबंध में किसी भी ऐसे व्यवहार से असहज महसूस होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

विद्यार्थियों को समझाया गया कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ अनसेफ टच करता है या किसी प्रकार का अनुचित व्यवहार करता है, तो वे डरें या चुप न रहें। ऐसी स्थिति में अपने माता-पिता, शिक्षक, परिवार के किसी विश्वसनीय सदस्य या किसी अन्य भरोसेमंद व्यक्ति को तत्काल इसकी जानकारी दें और आवश्यकता पड़ने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से सहायता लें।

बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता जरूरी

चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी होना बेहद जरूरी है। स्कूलों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण, बाल संरक्षण और किसी भी संकट की स्थिति में मदद लेने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन से संबंधित जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना और अपनी जिज्ञासाओं के संबंध में सवाल भी किए। विभाग द्वारा जिले के अन्य स्कूलों में भी इसी तरह जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं स्कूल के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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