नवागांव मल्हार राज में विश्व आदिवासी दिवस पर भव्य सम्मेलन

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया समेत जनप्रतिनिधि और सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी हुए शामिल

मल्हार । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सर्व आदिवासी समाज ग्राम नवागांव मल्हार राज की ओर से बुधवार को भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, अधिकारों और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के लोगों और ग्रामीणों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया उपस्थित रहे। उनके साथ जिला पंचायत सदस्य शतकली वावरे, जनपद पंचायत सदस्य ज्वाला प्रसाद बंजारे, मल्हार मंडल अध्यक्ष रघुराज पांडेय, कांग्रेस युवा नेता पिंटू जांगड़े, निलेश कैवर्त, कांग्रेस प्रवक्ता गणेशदत्त राजू तिवारी, मल्हार नगर पंचायत अध्यक्ष धनेश्वरी कैवर्त सहित सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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पारंपरिक तरीके से अतिथियों का स्वागत

सम्मेलन की शुरुआत आदिवासी समाज की परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार हुई। समाज के लोगों ने आदिवासी नायकों और महापुरुषों को नमन कर उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत पारंपरिक पगड़ी और गमछा पहनाकर किया गया।

जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा का संकल्प

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली में है। समाज के विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ युवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास जरूरी हैं।

उन्होंने समाज के लोगों से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने तथा नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का आह्वान किया।

एकजुटता पर दिया जोर

सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए एकजुटता जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, भाषा, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। शिक्षा के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ाने तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

पारंपरिक नृत्य ने बांधा समां

सम्मेलन के अंत में पारंपरिक नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पूरे आयोजन के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों, ग्रामीणों, युवाओं और बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों की उपस्थिति रही। सम्मेलन के माध्यम से समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक संरक्षण और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

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