गुरुओं को नमन: आरआरवीयूएनएल ने 15 गांवों के 150 शिक्षकों का किया सम्मान।

0
IMG-20260910-WA0846

रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

45 शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों का हुआ अभिनंदन, शिक्षा और समाज निर्माण में योगदान को मिली नई पहचान

अम्बिकापुर । शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 150 शिक्षकों का सम्मान कर आरआरवीयूएनएल ने समाज में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को नई पहचान दी। कंपनी की सीएसआर पहल के तहत अदाणी विद्या मंदिर, साल्ही में आयोजित “गुरु सम्मान” कार्यक्रम में परसा परियोजना क्षेत्र के 15 गांवों के 45 शासकीय विद्यालयों से जुड़े शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम ने शिक्षा, समुदाय और विद्यालयों के बीच सकारात्मक सहभागिता को मजबूत करने का संदेश दिया।

NTPC World Environment Day

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने स्वागत गीत और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। छात्रा इराम ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर क्लस्टर एचआर हेड राम द्विवेदी ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का संचार नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य के सपने देखने की प्रेरणा भी जगाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

कार्यक्रम में क्लस्टर एचआर हेड एवं एसोसिएट जीएम लेफ्टिनेंट कर्नल अभिजीत ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 150 शिक्षकों को सम्मानित किया। सम्मानित शिक्षक परसा, साल्ही, बासेन, चकेरी, घाटबर्रा, फत्तेहपुर, तारा, जनार्दनपुर, शिवनगर, गुमगा, सैदू, सुस्काम, परोगिया, सरमा एवं पेंड्रीखी सहित आसपास के गांवों के 45 शासकीय विद्यालयों से जुड़े थे।

कार्यक्रम में शासकीय हाई स्कूल परसा के सीएसी एवं प्राचार्य राजकुमार चंद्रा, सुनील कुमार यादव (सीएसी, पेंड्रीखी), वेद प्रकाश देवांगन (सीएसी, तारा), विजय कुमार यादव (सीएसी, गुमगा) तथा सत्येन्द्र नाथ योगी (सीआरसी, घाटबर्रा) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में सत्येन्द्र नाथ योगी ने कहा, “सरकारी शिक्षकों का सम्मान करना एक सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजन शिक्षकों के योगदान को मान्यता देने के साथ विद्यालयों, समुदाय और विभिन्न हितधारकों के बीच संबंधों को भी मजबूत बनाते हैं। शिक्षक ही देश के भविष्य के निर्माता हैं, जो विद्यार्थियों को सफल और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा प्रदान करते हैं।”

आरआरवीयूएनएल द्वारा परसा परियोजना क्षेत्र में शिक्षा के विकास हेतु अनेक पहलें संचालित की जा रही हैं। इनमें जवाहर नवोदय विद्यालय, प्रयास, एकलव्य एवं सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतियोगी कोचिंग केन्द्रों का संचालन, अदाणी विद्या मंदिर के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना तथा शासकीय विद्यालयों में अध्ययन सामग्री, डेस्क-बेंच, वाटर फिल्टर, खेल सामग्री और शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास शामिल है। इन पहलों के माध्यम से क्षेत्र के 80 से अधिक विद्यालयों और 5,000 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।

शिक्षक दिवस पर आयोजित “गुरु सम्मान” कार्यक्रम ने न केवल शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की, बल्कि शिक्षा के महत्व तथा सामुदायिक सहभागिता के संदेश को भी प्रभावी ढंग से स्थापित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
error: Content is protected !!