अमरकंटक में हरतालिका तीज पर उमड़ा आस्था का सैलाब
तड़के 4 बजे से नर्मदा तट पर शुरू हुआ मौनी स्नान , शिव-पार्वती की आराधना कर सुहागिनों ने मांगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
संवाददाता / श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में हरतालिका तीज का पर्व श्रद्धा , भक्ति और आस्था के साथ मनाया गया । पर्व के अवसर पर तड़के करीब 4 बजे से ही नर्मदा के विभिन्न घाटों पर मौनी स्नान के लिए सुहागिन महिलाओं , युवतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी ।

महिलाओं ने मौन धारण कर मां नर्मदा की पावन धारा में आस्था की डुबकी लगाई और भगवान शिव एवं माता पार्वती का स्मरण करते हुए अखंड सौभाग्य , पति की दीर्घायु , सुख-समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की ।
हरतालिका तीज को भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट दांपत्य प्रेम , समर्पण और तपस्या का प्रतीक माना जाता है । धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी । इसी आस्था के साथ सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य के लिए , जबकि युवतियां मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए यह कठिन व्रत रखती हैं ।
मौन साधना के साथ नर्मदा स्नान और शिव आराधना
हरतालिका तीज पर मौन धारण कर पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है । श्रद्धालुओं ने मौन रहकर नर्मदा स्नान किया और इसके बाद शिवालयों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया । महिलाओं ने शिवलिंग पर जल , पुष्प और बिल्वपत्र अर्पित कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की ।
कई महिलाओं ने व्रत एवं संकल्प के साथ अपने परिवार की सुख-शांति , पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना की । वहीं युवतियों ने मनवांछित जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए भगवान शिव-पार्वती से आशीर्वाद मांगा ।
शिवालयों में दर्शन-पूजन के लिए लगी कतारें
हरतालिका तीज के अवसर पर नर्मदा मंदिर सहित अमरकंठ महादेव , पार्वती मैया , सिद्धेश्वर महादेव , ग्यारह रुद्र महादेव एवं घंटेश्वर महादेव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं । मंदिरों में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला लगातार चलता रहा । इस दौरान पूरा तीर्थ क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘मां नर्मदा के जयघोष’ से गूंजता रहा ।
हजारों हजारों श्रद्धालुओं ने किया नर्मदा स्नान
हरतालिका तीज के मौनी स्नान को लेकर अमरकंटक के विभिन्न नर्मदा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई । आसपास के जिलों सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं , युवतियां और श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे । घाटों पर स्नान , दर्शन एवं पूजन का सिलसिला लगातार चलता रहा ।
अनुमान के अनुसार हरतालिका तीज के अवसर पर 35 से 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई तथा विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन किया ।
नर्मदा तट से शिवालयों तक गूंजे जयकारे
हरतालिका तीज पर अमरकंटक का पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिकता से सराबोर नजर आया । नर्मदा तट पर मौन साधना , पवित्र स्नान , मंदिरों में गूंजते मंत्रोच्चार , शिवलिंग पर चढ़ता जल और बिल्वपत्र तथा शिव-पार्वती के जयकारों ने पूरी तीर्थनगरी को भक्तिमय बना दिया ।
महिलाओं के लिए यह पर्व केवल व्रत और पूजा का अवसर नहीं रहा बल्कि आस्था , तप , संयम , दांपत्य प्रेम और मंगलकामना का पावन संगम बन गया । मां नर्मदा की पावन धारा में स्नान कर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करने पहुंचीं महिलाओं ने श्रद्धा के साथ अपने परिवार के सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की ।

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