नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में हुए शामिल, प्रदेशवासियों को दी नवरात्रि की शुभकामनाएं

गरबा महोत्सव हमारी आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का सुंदर संगम: मुख्यमंत्री

महतारी वंदन योजना से लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को मिल रही आर्थिक मजबूती, प्रदेश की 14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

NTPC World Environment Day

रायपुर । नवरात्रि का पावन पर्व शक्ति की आराधना के साथ-साथ नारी शक्ति के सम्मान, सामाजिक एकता और हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति में नारी को साक्षात शक्ति का स्वरूप माना गया है। इसी भावना के अनुरूप हमारी सरकार माताओं-बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महिलाओं की प्रगति केवल किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश की प्रगति का मजबूत आधार है।

यह विचार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में सम्मिलित होने के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कालीबाड़ी स्थित ऐतिहासिक मां काली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने माता के दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इसके पश्चात वे मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज द्वारा आयोजित श्री पाटीदार नवरात्रि महोत्सव, भानपुरी में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज के गरबा समारोह, गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित नवरात्रि महोत्सव तथा अमलीडीह क्षेत्र में आयोजित ‘ढोलिडा रास गरबा-2026’ सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

गरबा हमारी आस्था और सामाजिक एकता का उत्सव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे देश और प्रदेश में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का एक अद्भुत वातावरण निर्मित होता है। नौ दिनों तक शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना हमें जीवन में साहस, संयम, सकारात्मकता और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की गहरी प्रेरणा देती है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में प्रेम, आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता की भावना को भी मजबूत करता है।

उन्होंने आगे कहा कि गरबा केवल नृत्य या मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति हमारी अगाध श्रद्धा और भक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति है। गुजरात की माटी से प्रारंभ हुई गरबा की यह समृद्ध परंपरा आज पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाती है, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का एक जीवंत उदाहरण है।

हमारे पर्व और त्योहार समाज को आपस में पिरोने का कार्य करते हैं। जब विभिन्न समाज और समुदाय के लोग एक साथ मिलकर उत्सव मनाते हैं, तो आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का रिश्ता और अधिक प्रगाढ़ होता है। छत्तीसगढ़ में भी सभी समाजों ने अपनी मौलिक परंपराओं और संस्कृति को सहेजते हुए प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने गरबा महोत्सवों में माताओं, बहनों और बेटियों की भारी संख्या में उत्साहपूर्ण सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी से ऐसे आयोजन और अधिक गरिमामय बनते हैं।

महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया माताओं-बहनों का आत्मविश्वास

महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार के कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से निरंतर कार्यरत है। ‘महतारी वंदन योजना’ इसी संकल्प की एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी है। इस योजना के माध्यम से वर्तमान में प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक मदद भर नहीं है, बल्कि यह माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और परिवार में उनके निर्णय लेने की स्वतंत्रता को मजबूत करने का एक बड़ा माध्यम बन चुकी है। हमारी माताएं-बहनें इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-मोटी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यक्तिगत बचत और परिवार की अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं। जब समाज की नारी आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ी पर पड़ता है। माताओं-बहनों के चेहरों पर झलकता आत्मविश्वास सरकार के हर प्रयास को सार्थक बनाता है।

14 लाख लखपति दीदी छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के सामर्थ्य का प्रमाण

मुख्यमंत्री साय ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ की 14 लाख बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की महिलाओं की कड़ी मेहनत, लगन, उद्यमशीलता और उनके छिपे हुए सामर्थ्य का पुख्ता प्रमाण है। स्व-सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न प्रकार की नवीन आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आय में इजाफा कर रही हैं, बल्कि गांव और समाज की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में वित्तीय सामर्थ्य आने से परिवारों में खुशहाली आती है, बच्चों की शिक्षा-दीक्षा बेहतर होती है तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन की रफ्तार तेज होती है। एक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारी मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

शक्ति आराधना की पावन भूमि है छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विशिष्टता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश माता कौशल्या की पावन धरती है। यह मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसी आराध्य देवियों की पवित्र भूमि है। यहां सदियों से शक्ति की उपासना और देवी आराधना की एक गौरवशाली परंपरा चली आ रही है।

नवरात्रि के इन नौ दिनों में दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी से लेकर डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी के दरबार तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। गांव-गांव और नगर-नगर में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होते हैं और पूरा छत्तीसगढ़ मां की भक्ति में सराबोर हो जाता है। यह हमारी गहरी धार्मिक आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अनमोल पहचान है।

‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनके यशस्वी नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री ने देश को ‘विकास भी, विरासत भी’ का जो मूल मंत्र दिया है, उसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति, आस्था और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। देवी शक्तिपीठों व आस्था केंद्रों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अंत में, मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि उनकी असीम कृपा समस्त प्रदेशवासियों पर बनी रहे, हर घर में सुख-समृद्धि आए और छत्तीसगढ़ शांति व विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल, जयंती पटेल, जगदीश पटेल सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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