केन्द्रीय सतर्कता आयोग की राष्ट्रीय कार्यशाला में छाया SECL का ‘डिजीकोल’ मॉडलडिजिटल पारदर्शिता और जवाबदेही का बना उदाहरण, सुशासन की दिशा में बड़ी उपलब्धि

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बिलासपुर/नई दिल्ली । केन्द्रीय सतर्कता आयोग (CVC) द्वारा 11 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की डिजिटल पहल ‘डिजीकोल (DigiCOAL)’ को पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन का प्रभावी मॉडल बताया गया। “डिजिटल इनिशिएटिव्स फॉर इंक्रीजिंग ट्रांसपेरेंसी इन गवर्नेंस” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में देशभर के सार्वजनिक उपक्रमों की श्रेष्ठ डिजिटल पहलों को प्रस्तुत किया गया।

कार्यशाला में SECL की ओर से मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने डिजीकोल पहल पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह पहल खनन कार्यों में डिजिटल निगरानी, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से संचालन को अधिक पारदर्शी, दक्ष और जवाबदेह बना रही है।

प्रस्तुति के दौरान बताया गया कि HEMM फ्लीट मॉनिटरिंग सिस्टम से शॉवेल, डंपर और डोजर जैसे भारी उपकरणों की लाइव ट्रैकिंग की जा रही है। सेंसर आधारित तकनीक से ईंधन खपत, ऑपरेटिंग समय, अनावश्यक निष्क्रियता और निर्धारित मार्ग से विचलन की स्वतः पहचान संभव हो सकी है। वीडियो एनालिटिक्स और कनेक्टेड वर्कर सिस्टम से सुरक्षा प्रबंधन और आपात प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत किया गया है।

ड्रोन आधारित सर्वेक्षण से अतिक्रमण, हॉल रोड और ढलानों की निगरानी के साथ मानसून में जल निकासी व्यवस्था का सटीक आकलन किया जा रहा है। वहीं डेटा-ड्रिवन माइन प्लानिंग और आधुनिक ड्रिलिंग-ब्लास्टिंग तकनीक से उत्पादन प्रक्रिया को वैज्ञानिक बनाया गया है।

कार्यशाला का लाइव वेबकास्ट SECL मुख्यालय बिलासपुर में देखा गया, जिसमें CMD हरीश दुहान, निदेशक मंडल के सदस्य, अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान SECL की डिजिटल परिवर्तन यात्रा की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जो कोयला क्षेत्र में तकनीक आधारित सुशासन का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करती है।

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