धर्म-कला-संस्कृति

अमरकंटक में मेघों की मेहरबानी से छाई ठंडक , पर्यटकों को मिली तपती गर्मी से राहत

बारिश और ठंडी हवाओं से मौसम हुआ सुहावना,श्रद्धालु , पर्यटक बोले— “जन्नत जैसा एहसास” संवाददाता - श्रवण कुमार उपाध्याय अमरकंटक...

‘इनक्रेडिबल इंडिया’ की थीम पर थिरके विद्यार्थी -गीताक्षरा साहू बनीं ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’

कथक और लोक नृत्यों की प्रस्तुति ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध आई आई एच एम नया रायपुर का पाँचवाँ वार्षिक...

अमरकंटक के श्री कल्याण सेवा आश्रम में ध्वजा साहिब का भव्य पूजन ,

वैशाख पूर्णिमा पर परंपरागत बदली गई धर्म ध्वजा संवाददाता - श्रवण कुमार उपाध्याय अमरकंटक - मां नर्मदा जी की उद्गम...

नीट प्री मॉक टेस्ट का सफल आयोजन बुद्ध जयंती पर 45 दिवसीय निःशुल्क क्रैश कोर्स के तहत छात्रों में उत्साह

मुंगेली। डॉ. भीमराव अंबेडकर शिक्षण संस्थान छत्तीसगढ़ से संबद्ध डॉ. ब्रॉस मास्टर-की एकेडमी द्वारा बुद्ध जयंती के अवसर पर नीट,...

ग्राम फरदफोड में धूमधाम से मनायी गई भगवान बुद्ध की जयंती।

बालोद । बालोद जिले के जनपद पंचायत डोण्डीलोहारा के अंतर्गत ग्राम फरदफोड में भगवान बुद्ध की2570वी जयंती धूमधाम से मनायी गई।...

गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान मिलना चाहिये – अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट वाराणसी - परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीजी महाराज ने आज सायं श्रीविद्यामठ में आयोजित...

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर प्रदेश के समस्त श्रमवीरों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के समस्त श्रमवीरों को...

मुख्यमंत्री श्री साय ने बुद्ध पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सभी बौद्ध धर्मावलम्बियों सहित प्रदेशवासियों...

पाँच पीढ़ियों से सहेजी गई सांस्कृतिक विरासत आई सामने, झिरमिट्टी में मिली 250 वर्ष पुरानी पांडुलिपि

अवधि में लिखित रामचरितमानस आधारित दुर्लभ हस्तलिखित धरोहर का जिओ-टैगिंग व डिजिटल संरक्षण ‘ज्ञानभारतम’ अभियान से डिजिटल युग में सुरक्षित...

जहाँ बुद्ध घर लौटते हैं । भारत के इतिहास में पहली बार, तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेष अपने स्थायी संरक्षण-स्थल से उस भूमि को आशीर्वाद देने निकले हैं, जिसने सदियों की कठिनाइयों, ऊँचाइयों और आस्था के बीच धर्म को जीवित रखा। यह एक सभ्यता का अपने आप को नमन है।भारत के इतिहास में पहली बार, तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेष अपने स्थायी संरक्षण-स्थल से उस भूमि को आशीर्वाद देने निकले हैं, जिसने सदियों की कठिनाइयों, ऊँचाइयों और आस्था के बीच धर्म को जीवित रखा। यह एक सभ्यता का अपने आप को नमन है।

• श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा लेखक भारत सरकार के केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री हैं। किसी राष्ट्र के जीवन...

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