बोर्ड परीक्षा परिणाम के आधार पर प्राचार्यों के निलंबन का विरोध, कर्मचारी संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी

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बालोद। गवर्नमेंट एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम के आधार पर 8 प्राचार्यों के निलंबन और वेतन रोकने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन के प्रांताध्यक्ष कृष्ण कुमार नवरंग ने इसे प्रशासन की एकतरफा एवं अनुचित कार्रवाई बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में श्री नवरंग ने कहा कि जिला प्रशासन अपनी कमजोरियों और नाकामियों को छिपाने के लिए शिक्षकों पर दोष मढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनसे जनगणना, आधार कार्ड, राशन कार्ड सर्वे, चुनाव ड्यूटी सहित 53 से अधिक विभागों के गैर-शैक्षणिक कार्य भी कराए जाते हैं। ऐसे में परीक्षा परिणामों की पूरी जिम्मेदारी शिक्षकों पर डालना न्यायसंगत नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि यदि शिक्षकों को अतिरिक्त प्रशासनिक कार्यों से मुक्त कर केवल शिक्षण कार्य करने दिया जाए, तो सरकारी स्कूलों के शिक्षक निजी विद्यालयों से बेहतर परिणाम देने की क्षमता रखते हैं।

संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि निलंबित किए गए सभी 8 प्राचार्यों का निलंबन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा रोका गया वेतन शीघ्र जारी किया जाए। साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य के शिक्षा मंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर शिक्षकों को न्याय दिलाने की मांग की गई है।

प्रांताध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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