तमिलनाडु में 12वीं की छात्रा से रेप और मर्डर का मामला, पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोहरी मौत की सजा सुनाई
थूथुकुडी । तमिलनाडु में एक अहम फैसले में, थूथुकुडी डिस्ट्रिक्ट पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को मुख्य आरोपी धर्मा मुनीश्वरन को विलाथिकुलम में 12वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ बेरहमी से दुष्कर्म और हत्या के लिए दोहरी मौत की सजा सुनाई है.
सोमवार को फैसला सुनाते हुए, सत्र न्यायाधीश प्रीथा ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगे भयानक आरोप बिना किसी शक के साबित हुए. रेप और मर्डर के लिए मौत की सजा के अलावा, कोर्ट ने गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के लिए आरोपी को एक साल की कड़ी कैद की सजा भी सुनाई. सरकारी वकील एलम्माल किसिंजर ने अभियोजन पक्ष की तरफ से केस लड़ा.
12वीं कक्षा की छात्रा से रेप और मर्डर के इस मामले ने पूरे राज्य में गुस्सा पैदा किया और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तीखी बहस को फिर से हवा दी. पिछले कुछ महीनों में कई जरूरी घटनाओं के जरिए इस मामले में कई बातें निकल कर सामने आई. लड़की के गायब होने के बाद मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई.
10 मार्च को विलाथिकुलम के पास वेदनाथम गांव की एक 12वीं की छात्रा शाम को पास के जंगली इलाके में शौच के लिए जाने के बाद गायब हो गई. 10 मार्च की रात को पीडि़त के माता-पिता गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कुलथुर पुलिस स्टेशन गए. उन्हें विलाथिकुलम ऑल विमेन पुलिस स्टेशन (एडब्लूपीएस) भेज दिया गया, जहां उन्हें अगली सुबह लौटने के लिए कहा गया.
11 मार्च सुबह, जब पीडि़ता के माता-पिता ऑल विमेन पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो पुलिस इंस्पेक्टर प्रवीणा ने कथित तौर पर शिकायत दर्ज करने में देर कर दी, जिससे उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा और फिर अधिकार क्षेत्र वापस कुलथुर पुलिस को सौंप दिया गया.
11 मार्च दोपहर, जब माता-पिता कुलथुर स्टेशन पर वापस आए, तो नाबालिग लड़की की लाश वेदनाथम जंगल इलाके में मिली. उस पर गंभीर चोटें थीं, जिस पर बेरहमी से यौन उत्पीडऩ और हत्या के निशान थे.
पीडि़ता के परिवार ने आरोपी के पकड़े जाने तक थूथुकुडी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल से बेटी का शव लेने से साफ मना कर दिया. जब लड़की का शव 10 दिनों तक मॉर्चरी में पड़ी रही तो, कई राजनीतिक पीडि़त परिवार से मिलने आए और उन्हें सांत्वना दी. इस दौरान उन्होंने मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की बात कही.
पीडि़त परिवार से मुलाकात करने वालों में पूर्व गवर्नर तमिलिसाई सुंदरराजन, सांसद कनिमोझी, उस समय की मंत्री गीता जीवन, विलाथिकुलम विधायक मार्कंडेयन, एमडीएमके महासचिव वाइको, मंत्री आधव अर्जुन, पूर्व मंत्री कदंबुर राजू, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और उपाध्यक्ष शशिकला पुष्पा शामिल थे.
वहीं, तिरुनेलवेली रेंज डीआईजी, थूथुकुडी एसपी मधान और 10 से ज्यादा स्पेशल पुलिस टीमों की नेतृत्व में बड़े पैमाने पर तलाशी के बावजूद, जांचकर्ता पांच दिनों तक बिना किसी कामयाबी के जूझते रहे.
इस क्रूरता से हैरान, वेदनाथम के लोगों ने थूथुकुडी-मदुरै नेशनल हाईवे और थूथुकुडी-रामेश्वरम स्टेट हाईवे पर 12 घंटे का बड़ा सड़क जाम कर दिया. 12 मार्च को लोगों के भारी विरोध के बीच और पुलिस की लापरवाही पर कड़ी आलोचना के बाद, एडब्लूपीएस इंस्पेक्टर प्रवीणा को सस्पेंड कर दिया गया.
इसके बाद पुलिस जांच में तेजी आई और 19 मार्च को पास के विंड टर्बाइन टावर से मिले जरूरी सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल करके, पुलिस ने थूथुकुडी के सयालगुडी के रहने वाले संदिग्ध धर्मा मुनीश्वरन की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया.
20 मार्च को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच, आरोपी को वेदनाथम जंगल में क्राइम सीन पर ले जाया गया ताकि घटनाओं के क्रम को फिर से दर्शाया जा सके, जिसकी पुलिस ने पूरी वीडियोग्राफी की. गिरफ्तारी के बाद, पीडि़त परिवार ने बेटी का शव लेकर उसका अंतिम संस्कार किया. धर्मा मुनीश्वरन को उसी रात कोर्ट में पेश किया गया और पलायमकोट्टई सेंट्रल जेल भेज दिया गया.

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