विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर गढ़ रही साय सरकार, सुशासन और विकास का बना रोल मॉडल

0
Screenshot_20260528_143314

छत्तीसगढ़ की माटी में इन दिनों विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई बयार बह रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों और राज्य सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति के समन्वय से छत्तीसगढ़ में “डबल इंजन सरकार” का असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है। गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही योजनाएं राज्य को विकसित भारत के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा कर रही हैं।

गरीबों को पक्का मकान देने पर सबसे बड़ा फोकस

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सत्ता संभालते ही सबसे पहले गरीबों के आवास के मुद्दे को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को नई गति देते हुए सरकार ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के मकान का सपना पूरा करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए। हाल ही में मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से एक क्लिक में तीन लाख हितग्राहियों के खातों में 1,200 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई।

ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत शहरी और मध्यम वर्गीय परिवारों को भी राहत देने की दिशा में काम तेज हुआ है। सरकार ने पुरानी तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करते हुए ऐसी व्यवस्था बनाई है, जिससे पात्र हितग्राहियों तक बिना बिचौलिए और देरी के योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

केंद्र सरकार से मिला ऐतिहासिक सहयोग

मुख्यमंत्री साय के “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र पर केंद्र सरकार ने भी भरोसा जताया है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शी प्रशासन का परिणाम है कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 4,400 करोड़ रुपये की विशेष सहायता स्वीकृत की है। इसे देश के किसी राज्य को मिली सबसे बड़ी प्रोत्साहन राशि माना जा रहा है।

इसके अलावा केंद्रीय बजट 2026-27 में छत्तीसगढ़ के लिए लगभग 52 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 4,500 करोड़ रुपये अधिक है। इससे सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार

राज्य में सड़क और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर काम जारी है। वर्तमान में 3,153 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रायपुर-विशाखापत्तनम और रायपुर-रांची इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे हैं।

केंद्रीय सड़क निधि के तहत 664 करोड़ रुपये की लागत से जिला मार्गों को भी बेहतर बनाया जा रहा है। इन परियोजनाओं से परिवहन व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ व्यापार और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।

डिजिटल और ऊर्जा क्रांति से बदल रही तस्वीर

साय सरकार दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने के लिए डिजिटल और ऊर्जा क्षेत्र में भी तेजी से काम कर रही है। बस्तर और अन्य दूरस्थ इलाकों में ब्रॉडबैंड और बीएसएनएल नेटवर्क का विस्तार किया गया है, जिससे गांवों तक ऑनलाइन शिक्षा, बैंकिंग और ई-कॉमर्स सेवाएं पहुंच रही हैं।

इसके साथ ही सौर ऊर्जा और माइक्रो-ग्रिड परियोजनाओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को मजबूत किया जा रहा है। इससे आदिवासी और दूरस्थ अंचलों के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा छत्तीसगढ़ का मान

छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं और सुशासन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा राज्य को एक साथ 12 राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। इनमें प्रतिष्ठित “दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार” भी शामिल है।

मनरेगा, स्वास्थ्य सेवाओं और लघु वनोपज संग्रहण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य को 10 अन्य राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए आयुष्मान भारत योजना को प्रभावी बनाया गया है और पांच जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।

निवेश और रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उद्योग हितैषी नीतियों और सिंगल विंडो सिस्टम ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य को 34,427 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई है।

स्टील और माइनिंग के पारंपरिक उद्योगों के साथ अब खाद्य प्रसंस्करण और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी बड़े निवेश हो रहे हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं और कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है।

आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और उद्योगों का राज्य नहीं रह गया है, बल्कि यह अंत्योदय की भावना को साकार करने वाला मॉडल राज्य बनता जा रहा है। ग्रामीण आत्मनिर्भरता, शहरी आधुनिकता और युवाओं के सपनों को नई दिशा देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

केंद्र सरकार के सहयोग और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!