स्वास्थ्य केंद्र बना सीमेंट स्टोर, इलाज कक्षों में रखी निर्माण सामग्री, ग्रामीणों में आक्रोश
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
बिलासपुर। मस्तुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत कुकुरदीकला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की बदहाल व्यवस्था ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए बनाए गए महत्वपूर्ण कक्षों का उपयोग निर्माण सामग्री रखने के लिए किया जा रहा है। स्थिति यह है कि ड्रेसिंग रूम और नेत्र चिकित्सक कक्ष में सीमेंट, सरिया एवं अन्य निर्माण सामग्री का ढेर लगा हुआ है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां मरीजों को उपचार और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, वहां अस्पताल के कमरों को गोदाम में तब्दील कर दिया गया है। लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि अब ऐसा लग रहा है मानो अस्पताल में इंसानों की नहीं, बल्कि सीमेंट और सरिया का इलाज किया जाएगा।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी नाराजगी है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी में ही अस्पताल परिसर में निर्माण सामग्री रखी गई है। इससे स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं और मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, मस्तुरी ब्लॉक के बीएमओ डॉ. अनिल कुमार की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण नहीं होने के कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर भी प्रभावी नियंत्रण नहीं दिख रहा है, जिससे आम लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
ग्रामीणों ने जिला स्वास्थ्य विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अस्पतालों का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए होना चाहिए, न कि निर्माण सामग्री के भंडारण के लिए। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।

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