BMO के संरक्षण में मनमानी? कुकुर्दीकला स्वास्थ्य केंद्र में समय पर नहीं पहुंच रहे कर्मचारी, ग्रामीणों में नाराजगी

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

मस्तूरी/बिलासपुर। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत कुकुर्दीकला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त स्टाफ और कर्मचारियों की पदस्थापना होने के बावजूद मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। कर्मचारियों के नियमित रूप से देर से पहुंचने और समय पर ड्यूटी नहीं करने के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श के लिए पहुंचते हैं। लेकिन कई बार मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र खुलने के निर्धारित समय के बाद भी डॉक्टरों और कर्मचारियों का इंतजार करना पड़ता है। इससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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शिकायतों के बावजूद नहीं सुधर रही व्यवस्था

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की लापरवाही कोई नई बात नहीं है। पूर्व में भी कई बार संबंधित अधिकारियों को मौखिक और लिखित शिकायतें की गईं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों के मनोबल बढ़ गए हैं और वे नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।

ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी आम है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और उपस्थिति की निगरानी की जाती, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। लोगों का मानना है कि प्रशासनिक सख्ती के अभाव में स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।

BMO की कार्यशैली पर भी उठ रहे सवाल

क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि बार-बार शिकायतें सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण कर्मचारियों पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं रह गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

मरीजों को हो रही परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि समय पर कर्मचारी और स्वास्थ्यकर्मी नहीं पहुंचने से मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीज बिना इलाज कराए वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं और शासन की योजनाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

नियमित निरीक्षण और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि कुकुर्दीकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नियमित जांच कराई जाए, कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही मरीजों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र आम जनता की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य और जीवन को प्रभावित करती है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।

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