कोयला अफरा-तफरी का बड़ा खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तारमस्तुरी पुलिस की कार्रवाई, 3 ट्रेलर, रोलर मशीन और 30 टन कोयला जब्त

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

बिलासपुर। थाना मस्तुरी पुलिस ने कोयला अफरा-तफरी और मिलावट के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और लगभग 30 टन कोयला जब्त किया है।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी कप्तान सत्यनारायण ने थाना मस्तुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उन्होंने एसीसीएल कोल माइंस कोरबा से 30 हजार टन कोयले का ऑर्डर दिया था, जो एसएम एंटरप्राइजेस के माध्यम से ट्रेलरों में उनकी कंपनी के प्लांट तक पहुंचाया जा रहा था। 17 जून 2026 की रात करीब 2 बजे से सुबह 7 बजे के बीच कई ट्रेलरों से कोयला प्लांट में पहुंचा।

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जांच के दौरान तीन ट्रेलर— सीजी 10 ईसी 5488, सीजी 10 बीटी 6138 और सीजी 15 ईजी 5055 — की जांच की गई। जांच में पाया गया कि ट्रेलरों में उच्च गुणवत्ता वाले जी-11 कोयले के स्थान पर खराब और मिलावटी कोयला भरा हुआ था। पूछताछ के दौरान चालकों पर शक गहराया, लेकिन वे मौके से फरार हो गए।

जांच में सामने आया कि तीनों ट्रेलरों में गेवरा माइंस एसीCCएल से जी-11 श्रेणी का कोयला लोड किया गया था, लेकिन रास्ते में कोयले की हेराफेरी कर उसकी जगह घटिया गुणवत्ता का गिट्टी मिश्रित कोयला प्लांट में पहुंचाया गया। इस धोखाधड़ी से राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा।

मामले की विवेचना के दौरान चालक जयकांत यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि ट्रेलर मालिकों और साथियों के साथ मिलकर असली जी-11 कोयला बेलतरा टोल प्लाजा स्थित आकाश सिंघल के कोल डिपो में उतारा जाता था। इसके बाद वहां से गिट्टी मिश्रित कोयला ट्रेलरों में भरकर राशि प्लांट भेजा जाता था।

आरोपी ने यह भी बताया कि इस पूरे खेल के बदले आकाश सिंघल द्वारा रकम दी जाती थी, जिसे ट्रेलर मालिकों, चालकों और अन्य साथियों के बीच बांटा जाता था। इसके बाद पुलिस ने वाहन स्वामी सुनीत यादव और सूरज सिंह से पूछताछ की, जिन्होंने अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस ने कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि जी-11 कोयले को अपने डिपो में रखे अन्य कोयले में रोलर मशीन से मिलाकर उसकी गुणवत्ता बदल दी जाती थी, ताकि असली कोयले की पहचान छिपाई जा सके।

पुलिस ने मामले में आरोपी जयकांत यादव, सुनीत यादव, सूरज सिंह और आकाश सिंघल को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए 21 और 22 जून को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

मस्तुरी पुलिस की इस कार्रवाई को कोयला तस्करी और अफरा-तफरी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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