कलेक्टोरेट परिसर में नियमों की उड़ रही धज्जियां
‘यहां वाहन खड़ा करना मना है’ बोर्ड बना शोपीस, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
मुंगेली। जिला कलेक्टोरेट परिसर में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिसर में स्पष्ट रूप से “यहां वाहन खड़ा करना सख्त मना है” का बोर्ड लगाए जाने के बावजूद वाहन बेखौफ खड़े किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है, वहीं नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
कलेक्टोरेट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचते हैं। व्यवस्था बनाए रखने और आवागमन सुचारू रखने के उद्देश्य से कई स्थानों पर वाहन पार्किंग को प्रतिबंधित किया गया है तथा चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। लेकिन जमीनी स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आती है।
परिसर में कई स्थानों पर दोपहिया और चारपहिया वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र में ही खड़े दिखाई देते हैं। इससे न केवल आने-जाने में परेशानी होती है, बल्कि आपात स्थिति में भी अव्यवस्था की आशंका बनी रहती है। आम लोगों का कहना है कि यदि नियमों का पालन कलेक्टोरेट जैसे संवेदनशील परिसर में ही नहीं होगा तो अन्य स्थानों पर व्यवस्था की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मुंगेली कलेक्टोरेट में मानो यह स्थिति बन गई है कि जहां “मना है” लिखा हो, वहीं सबसे पहले नियम तोड़े जाते हैं। बोर्ड केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं, जबकि निगरानी और कार्रवाई का अभाव साफ दिखाई देता है।
प्रशासन द्वारा समय-समय पर व्यवस्था सुधारने के दावे किए जाते हैं, लेकिन तस्वीर कुछ और ही बयां करती है। यदि प्रतिबंधित क्षेत्र में पार्किंग पर सख्ती नहीं बरती गई तो इससे प्रशासनिक अनुशासन पर भी सवाल उठते रहेंगे।
अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस अव्यवस्था पर कब संज्ञान लेते हैं और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं। फिलहाल कलेक्टोरेट परिसर की यह स्थिति प्रशासनिक दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।

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